कटिहार में 50 लाख की फिरौती और हत्याकांड में अदालत ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

कटिहार में 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए युवक का अपहरण कर निर्मम हत्या करने के मामले में अदालत ने छह दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने युवक को फोन कर सुनसान जगह पर बुलाया और उसकी हत्या करने के बाद शव को बोरे में बंद कर महानंदा नदी में फेंक दिया था, ताकि वारदात का कोई सुराग न मिले। पुलिस ने एक आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर नदी से शव बरामद किया था। इस सनसनीखेज अपहरण और हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) विजेंद्र कुमार की अदालत ने छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

मामला कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र का है। अपर लोक अभियोजक रामविलास पासवान के अनुसार, आजमनगर निवासी शकील अहमद के इकलौते बेटे शाहरुल का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के बाद आरोपियों ने उसके परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती की रकम नहीं मिलने पर आरोपियों ने शाहरुल की हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में बंद कर महानंदा नदी में फेंक दिया, ताकि अपराध के साक्ष्य मिटाए जा सकें। इस घटना से परिवार गहरे सदमे में आ गया था।

शाहरुल के लापता होने के बाद उसके पिता शकील अहमद ने 30 जनवरी 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। देर शाम तक तलाश करने के बावजूद शाहरुल का कोई पता नहीं चला। इसके बाद 1 फरवरी 2022 को मामले से संबंधित दूसरी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान पुलिस को उस व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जिसने शाहरुल को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और हत्या में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जांच के दौरान आरोपी मोहम्मद गुलजार के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने महानंदा नदी से शाहरुल का शव बरामद किया। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी जांच की, जिसमें आरोपियों के बीच संपर्क और आपसी संबंधों से जुड़े साक्ष्य सामने आए। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय में सभी गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की ओर से गवाही और क्रॉस एग्जामिनेशन की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) विजेंद्र कुमार की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी छह आरोपियों को दोषी करार दिया।

अपर लोक अभियोजक रामविलास पासवान ने बताया कि आजमनगर थाना कांड संख्या 26/22 में दोषी ठहराए गए आरोपियों में मोहम्मद गुलजार, प्रताप सिंह, मोहम्मद इमाम, विभीषण सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह और शेखर सिंह शामिल हैं। सभी आरोपी आजमनगर थाना क्षेत्र के दिघलिया गांव के निवासी हैं। अदालत ने छहों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए किए गए इस अपहरण और हत्याकांड में अदालत के फैसले के साथ ही छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है।