तस्वीर में नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर, भिंडर में संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सत्संग में बैठे हुए श्रद्धालु और भक्तजन दिखाई दे रहे हैं।   

बड़ी सादड़ी। संत निरंकारी मिशन की ब्रांच बड़ी सादड़ी की ओर से नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर, भिंडर में रात्रि को विशाल आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने सम्मिलित होकर सत्संग का आनंद प्राप्त किया।

आध्यात्मिक सत्संग को संबोधित करते हुए उदयपुर के प्रचारक राम सिंह राजपूत ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है, जो 84 लाख योनियां भुगतने के बाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन एक गोल्डन चांस के रूप में मिला है, जो केवल और केवल आत्मा को परमात्मा से जोड़ने के लिए है। इसलिए इन सांसों को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने कहा, “वह श्वास किस काम की, जिस श्वास में हरि का स्मरण नहीं।”

राम सिंह राजपूत ने कहा कि जो मानव प्रेम और मेलजोल की भावना से युक्त जीवन जीते रहे, वे पूजनीय हो गए और उनका जीवन संसार के लिए आदर्श बन गया। उन्होंने कहा कि यह शरीर भी सत्य नहीं है और इसकी अपनी एक सीमा है। इसके बावजूद इंसान इस शरीर और इसकी अनावश्यक इच्छाओं की पूर्ति के लिए गलत से गलत कदम उठाता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सद्गुरु की शरण में जाकर ही इस निरंकार, निराकार परमात्मा को जाना जा सकता है। आज के परिप्रेक्ष्य में जब इंसान को सद्भाव और शक्ति की अपेक्षा है, निरंकारी मिशन दुनिया को सच्चा रास्ता दिखा रहा है। वर्तमान समय में सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्म ज्ञान प्रदान कर मानव को निराकार परमात्मा से जोड़ने का संदेश दे रही हैं।

कार्यक्रम में हरि सिंह भाटी ने बाहर से आए महात्मा का माला पहनाकर स्वागत किया। भूपेंद्र कुमार और किशन लाल बागोरिया ने मुख्य अतिथि एवं सभी श्रद्धालु भक्तों का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन भेरूलाल निरंकारी ने किया।

Tags: