तस्वीर में व्याख्याता निर्मल कुमार पुरोहित और अन्य शिक्षकों के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कानोड के विद्यार्थी विज्ञान मेले की प्रदर्शनी में नजर आ रहे हैं।

बड़ी सादड़ी में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में चतुर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानोड़ के व्याख्याता निर्मल कुमार पुरोहित लगातार प्रयास कर रहे हैं। पुरोहित अपने साथी व्याख्याताओं मुकेश शेरावत एवं उमेश तंबोली के साथ मिलकर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवा रहे हैं।

गत वर्ष प्री-एसटीसी परीक्षा की तैयारी के लिए करीब 150 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं से जोड़ने के प्रयास भी किए गए। नानू भाई छात्रवृत्ति में विद्यालय की छात्राएं सुमन व्यास, चंचल लोहार, अक्षरा जोशी एवं प्रज्ञा जोशी चयनित हुईं। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से जुड़े अवसरों में भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन एवं सहयोग मिला।

विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर सीखने और भविष्य के अवसरों से परिचित कराने के लिए पुरोहित ने अपने स्तर पर जयपुर, अजमेर एवं खाटू श्यामजी का निःशुल्क शैक्षणिक भ्रमण करवाया। समय-समय पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के विषय विशेषज्ञों को विद्यालय में आमंत्रित कर विद्यार्थियों का करियर मार्गदर्शन भी कराया गया।

विद्यालय में विद्यार्थियों की कला एवं संगीत प्रतिभाओं को भी मंच मिल रहा है। नंदिनी राजपूत फार्मेसी की पढ़ाई के साथ पेंटिंग में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। नारायण रैगर ने पुरोहित का स्केच बनाकर अपनी कला का परिचय दिया। भारती व्यास एवं तनीषा चौबीसा भी कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वहीं विद्यार्थी उमेश बांसुरी और हारमोनियम वादन में अपनी प्रतिभा निखार रहा है।

हाल ही में आयोजित मिट्टी के गणेश प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके अलावा विद्यालय में विज्ञान मेला, पोस्टर, क्विज, कविता एवं आशुभाषण जैसी गतिविधियां आयोजित कर विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

व्याख्याता निर्मल कुमार पुरोहित ने कहा, “हर विद्यार्थी में कोई न कोई प्रतिभा होती है। शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना भी है। हमारा प्रयास है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी के सपनों में बाधा न बनें।”

विद्यालय परिवार के अनुसार, इन प्रयासों से विद्यार्थियों को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, करियर, कला, संगीत और पर्यावरण के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा विकसित करने के अवसर मिल रहे हैं।

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