सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ बना राष्ट्रीय खेल समूह-सी का ओवरऑल चैंपियन, रीवा उपविजेता
चित्तौड़गढ़ में सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेल समूह-सी संपन्न हुआ। मेजबान टीम ओवरऑल चैंपियन बनी, जबकि रीवा ने वाद-विवाद में बाजी मारी।
तस्वीर में बाएं से स्कूल के अधिकारी, शिक्षक और कैडेट एथलेटिक ग्राउंड में ट्रॉफी और प्रमाणपत्र लेकर खड़े हैं।
सैनिक स्कूल में 24 अगस्त से शुरू हुआ प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेल समूह-सी बुधवार को धूमधाम और जश्न के बीच संपन्न हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि बिड़ला सीमेंट की इकाइ प्रेसिडेंट एवं यूनिट हेड जयंत कांडपाल तथा विशिष्ट अतिथि एचआर हेड हेमंत किशोर श्रीवास्तव एवं कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया रहे। स्कूल की उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल, सीनियर मास्टर ओंकार सिंह एवं प्रतियोगिता संयोजक मंजीत सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह स्कूल के एथलेटिक ग्राउंड में आयोजित हुआ, जहां मुख्य अतिथि ने आधिकारिक रूप से प्रतियोगिता के समापन की घोषणा की। जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि समूह स्तरीय अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेलों में 10 सैनिक स्कूलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ क्विज एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि ने विजयी टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों को पदक एवं ट्रॉफियां प्रदान कीं। पूरी चैंपियनशिप में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मेजबान सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। रीवा उपविजेता रहा, जबकि गोविन्द नगर को बेस्ट अनुशासित टीम का खिताब मिला।
व्यक्तिगत उपलब्धियों में सर्वश्रेष्ठ वॉलीबॉल खिलाड़ी का खिताब चित्तौड़गढ़ के कैडेट उमेश चंद ने जीता। बालक वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बास्केटबॉल खिलाड़ी का खिताब चित्तौड़ के दिलकुश चौधरी तथा बालिका वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बास्केटबॉल खिलाड़ी का खिताब मैनपुरी की कैडेट अंशिका कुमारी ने हासिल किया।
मुख्य अतिथि जयंत कांडपाल ने सभी प्रतिभागियों को उनके समर्पण, खेल भावना और प्रतियोगिता के दौरान प्रदर्शित सौहार्दपूर्ण भावना के लिए बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानसिक विकास और सामाजिक मेल-जोल का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। खेल अनुशासन, धैर्य और संघर्ष करने की क्षमता सिखाते हैं। प्रतियोगिता में जीत और हार जीवन के अनुभव हैं, जो व्यक्तित्व को और मजबूत बनाते हैं।
प्रतियोगिता के सह संयोजक सीएचएम मुनबुल नरजरी एवं हवलदार नवीन कुमार रहे। समारोह के अंत में मुख्य अतिथि ने विजेता सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ को चैंपियनशिप की ट्रॉफी प्रदान की।
इसी क्रम में सैनिक स्कूल में आयोजित समूह स्तरीय अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल के शंकर मेनन सभागार में उत्साह एवं ज्ञानवर्धक वातावरण में किया गया। प्रतियोगिता की मुख्य अतिथि बिड़ला शिक्षा केन्द्र की प्राचार्या रेखा यादव रहीं।
वाद-विवाद का विषय “सोलह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए” रखा गया। प्रत्येक स्कूल से दो-दो प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद रीवा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि चित्तौड़गढ़ द्वितीय स्थान पर रहा।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका नरेश नूनिया, वाइस प्रिंसिपल हिंदुस्तान जिंक स्कूल; आशा कंवर, व्याख्याता, शहीद मेजर नटवर सिंह शक्तावत सीनियर सेकेंडरी स्कूल; एवं नीलू कुमारी चावला, व्याख्याता, सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने निभाई। प्रतियोगिता की प्रभारी अंग्रेजी की अध्यापिका जयंती सक्सेना रहीं, जबकि संगणक की भूमिका गणित के वरिष्ठ अध्यापक राकेश रामपुरिया ने निभाई।
राष्ट्रीय खेल समूह-सी के समापन के साथ सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ ने विभिन्न खेल विधाओं में अपने प्रदर्शन के दम पर ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल की, वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में रीवा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता दर्ज की।