तस्वीर में शौर्य चक्र विजेता ब्रिगेडियर जितेंद्र सिंह शेखावत (सेवानिवृत्त) शंकर मेनन सभागार में सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के कार्यक्रम के दौरान मंच पर खड़े होकर संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

सैनिक स्कूल के 66वें स्थापना दिवस से पूर्व आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शंकर मेनन सभागार में प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के पूर्व छात्र एवं शौर्य चक्र विजेता ब्रिगेडियर जितेंद्र सिंह शेखावत ने अपने सैन्य जीवन, नेतृत्व और साहस से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कैडेट्स को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और नेतृत्व के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप प्राचार्या लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल तथा प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार ने विद्यालय परिवार की ओर से ब्रिगेडियर जितेंद्र सिंह शेखावत का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।

जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि सैनिक स्कूल के गौरवशाली पूर्व छात्र ब्रिगेडियर जितेंद्र सिंह शेखावत ने अपने सैन्य जीवन के अनुभवों के आधार पर कैडेट्स को साहस, त्याग, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 में आतंकवाद-विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद ब्रिगेडियर शेखावत ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए अकेले ही तीन आतंकवादियों को मार गिराया। उनकी अद्वितीय वीरता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा के लिए भारत के माननीय राष्ट्रपति ने उन्हें प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित किया।

उन्होंने यह भी बताया कि ब्रिगेडियर शेखावत के नेतृत्व में उनकी बटालियन ने 24 घंटे के भीतर 4 लाख 50 हजार पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। पर्यावरण संरक्षण में उनके इस उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

अपने प्रेरक संबोधन में ब्रिगेडियर जितेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जीवन में सफलता का आधार दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट चरित्र होता है। उन्होंने कैडेट्स से सेवा, ईमानदारी और नेतृत्व के उच्च आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उनके ओजस्वी उद्बोधन ने कैडेट्स में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया तथा विद्यालय की गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों को नई ऊर्जा प्रदान की।

ब्रिगेडियर शेखावत ने राष्ट्रसेवा के दौरान प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, दृढ़ता और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कैडेट्स द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट कर्नल विजय पाल सिंह ने भी अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा किए और कैडेट्स को अनुशासन, समर्पण तथा उत्कृष्टता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सैनिक स्कूल के 66वें स्थापना दिवस से पूर्व आयोजित यह संवाद कार्यक्रम कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन रहा।

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