महात्मा गांधी नरेगा योजना में कार्यरत संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सीएसआर रूल्स-2022 संघ, राजस्थान ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर संविदा सेवा नियम-2022 के बिंदु संख्या-20 के तहत नरेगा संविदाकर्मियों को नियमित नियुक्ति देने की मांग की है।

चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष रतन लाल शर्मा ने कहा कि नरेगा में पिछले 18 वर्षों से संविदाकर्मी अल्प मानदेय पर लगातार सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने वर्ष 2024 में आदेश जारी किए थे और वित्त विभाग ने भी नियमित नियुक्ति के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन अब तक पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

उन्होंने कहा कि पंचायतों के पुनर्गठन और पंचायत समितियों के विस्तार के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में कर्मचारियों की आवश्यकता और बढ़ गई है। इसके बावजूद नरेगा संविदाकर्मी अब भी नियमित नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

रतन लाल शर्मा ने कहा कि प्रत्येक माह एक-दो संविदाकर्मियों की सेवा के दौरान दुर्घटना या गंभीर बीमारी के कारण मृत्यु हो जाती है। ऐसे मामलों में उनके परिवारों को नियमित कर्मचारियों की तरह सामाजिक या सेवा संबंधी सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाता। संघ ने मांग की है कि संविदा सेवा नियम-2022 के तहत नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर संविदाकर्मियों को राहत प्रदान की जाए।

संघ ने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि ग्रामीण विकास विभाग में सेवा नियमों के गठन की लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि वर्षों से कार्यरत नरेगा संविदाकर्मियों को स्थायी नियुक्ति का लाभ मिल सके।

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