न्युवोको विस्टास के वित्तीय नतीजे घोषित, दूसरी तिमाही में राजस्व 13.5% बढ़कर 2,790 करोड़ रुपये पहुंचा
न्युवोको विस्टास ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 2,790 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व और 411 करोड़ रुपये का एबिटिडा दर्ज किया। सीमेंट बिक्री में 9 प्रतिशत वृद्धि के साथ कंपनी ने उत्पादन क्षमता विस्तार की दिशा में भी अहम कदम उठाया।
न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए राजस्व, एबिटिडा और सीमेंट बिक्री में सालाना आधार पर वृद्धि हासिल की है। 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व 13.5 प्रतिशत बढ़कर 2,790 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एबिटिडा 11 प्रतिशत बढ़कर 411 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी ने 4.7 एमएमटी सीमेंट की बिक्री की, जो पिछले साल की समान तिमाही से 9 प्रतिशत अधिक है।
भारत की प्रमुख निर्माण सामग्री कंपनियों में शामिल न्युवोको विस्टास ने सीमेंट कारोबार में दस साल पूरे कर लिए हैं। वर्ष 2014 में निम्बोल में 2.3 एमएमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता वाली एकल विनिर्माण इकाई से शुरू हुआ कंपनी का सफर अब विविधीकृत निर्माण सामग्री कारोबार में विकसित हो चुका है। कंपनी सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और आधुनिक निर्माण सामग्री के क्षेत्रों में कारोबार कर रही है।
बाजार के विभिन्न उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी ने अपनी विकास यात्रा जारी रखी है। अब कंपनी वित्त वर्ष 2028 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 35 एमएमटीपीए करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह पिछले एक दशक में उत्पादन क्षमता में लगभग 15 गुना वृद्धि होगी।
कंपनी के प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णास्वामी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के प्रदर्शन पर कहा कि चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी की मजबूत कार्यान्वयन क्षमता इस प्रदर्शन में दिखाई दी। उन्होंने बताया कि प्रमुख बाजारों में तेज और अनियमित बारिश, वैश्विक एवं क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति शृंखला में व्यवधान तथा जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण इनपुट लागत बढ़ी। इसके बावजूद कंपनी ने राजस्व, एबिटिडा और कर के बाद मुनाफे में सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि दर्ज की।
जयकुमार कृष्णास्वामी के अनुसार, कंपनी का प्रदर्शन प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने और भौगोलिक बाजारों के मिश्रण को बेहतर बनाने की रणनीतियों की मजबूती दर्शाता है। इन रणनीतियों से सीमेंट की कीमतों में सीमित तेजी के बावजूद बिक्री से प्राप्त होने वाली राशि को बेहतर बनाए रखने में मदद मिली।
तिमाही के दौरान कंपनी ने विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सूरत के लिमला में 2 एमएमटीपीए क्षमता वाली ग्राइंडिंग इकाई सफलतापूर्वक शुरू की। कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि उसकी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने की क्षमता को दर्शाती है।
इस इकाई के शुरू होने से कच्छ और सचाना में वदराज सीमेंट परियोजना के शेष चरणों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने को लेकर कंपनी का भरोसा और मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे कंपनी की बिक्री वृद्धि, वित्तीय प्रदर्शन और उत्पादन क्षमता विस्तार की योजनाओं को रेखांकित करते हैं।