निम्बाहेड़ा महाविद्यालय में महिला सुरक्षा कानून और नशा मुक्ति विषय पर आयोजित जागरूकता व्याख्यान में उपस्थित वक्ता एवं छात्र-छात्राएं।

निम्बाहेड़ा। महिला अधिकारों की सुरक्षा, कानूनी संरक्षण और नशे के बढ़ते प्रचलन से जुड़े खतरों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्थानीय महाविद्यालय में कानूनी जागरूकता एवं नशा मुक्ति पर व्याख्यान माला आयोजित की गई। राजस्थान राज्य महिला नीति-2021 एवं नई किरण नशा मुक्ति योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े कानूनी प्रावधानों, पीड़ितों को मिलने वाली विधिक सहायता और नशे के सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राजेश डांगी ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता पैनल अधिवक्ता रूही खान ने घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न और दहेज प्रतिषेध अधिनियम सहित महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध विधिक सहायता, हेल्पलाइन सेवाओं और शिकायत निवारण प्रक्रिया के बारे में बताया। साथ ही, न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने में इन व्यवस्थाओं के महत्व को भी समझाया।

द्वितीय सत्र में अधिवक्ता फहीम खान ने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और इसके सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों पर चर्चा की। उन्होंने नशे से जुड़े अपराधों और उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन नशा मुक्ति प्रभारी डॉ. नीलम सेठी ने किया, जबकि महिला नीति प्रभारी सीमा विजय ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. प्रतिभा पायल, डॉ. रुक्मण, हरफूल मीणा, देवराज सिंह राठौड़ सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

महाविद्यालय में आयोजित इस व्याख्यान माला के माध्यम से विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों, शिकायत निवारण की प्रक्रिया और नशे के खिलाफ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

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