निकुंभ में 287वां साप्ताहिक भक्ति सत्संग संपन्न, माता रानी के भजनों से दिनभर भक्तिमय रहा माहौल

निकुंभ में श्री चंदामाता सत्संग सेवा परिषद का 287वां साप्ताहिक भक्ति सत्संग श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ, जहां दिनभर उमड़े श्रद्धालु।

Update: 2026-07-07 07:23 GMT

तस्वीर में श्री चंदामाता सत्संग सेवा परिषद के कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी परिवार और श्रद्धालु मिलकर मां चंदामाता के दरबार में जलती हुई ज्योत के साथ दिव्य मंगल आरती करते हुए दिख रहे हैं।

बड़ी सादड़ी के निकुंभ में श्री चंदामाता सत्संग सेवा परिषद के तत्वावधान में 287वां साप्ताहिक भक्ति सत्संग लाभार्थी भंवरलाल, शांतिलाल, आजाद कुमार, विमल कुमार, दिलीप कुमार, महावीर कुमार, अभिनव, अक्षत, प्रणय और लक्षित पोरवाड परिवार, निवासी निकुंभ की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिनभर श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और माता रानी के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

सत्संग परिषद के संयोजक प्रेम सिंह सिसोदिया ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद स्थानीय भजन गायकों ने माता रानी के भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजन प्रवाहक रोडमल खाबिया, नंदलाल लोहार, भेरूलाल लोहार, राजकुमार पुष्करणा बोहेडा, प्रकाश कुमावत, पुष्कर मेनारिया, कौशल्या सुथार पीन्ड, ललिता कुमावत, ममता जैन मिन्नाणा, जमनालाल मेनारिया और गिरधारी गंधर्व ने माता रानी के भजनों की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ सत्संग प्रेमी श्यामलाल अग्रवाल बोहेड़ा रहे। दिनभर श्रद्धालु भक्तों का माता रानी के दर्शन के लिए तांता लगा रहा। दोपहर बाद वर्षा होने से मौसम सुहावना हो गया, जिसके बाद माता रानी के दरबार में दर्शनार्थी भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती रही। इस अवसर पर पीन्ड ग्राम के सत्संग मंडल का अभिनंदन भी किया गया।

सत्संग के दौरान लाभार्थी परिवार को यशवंत कंप्यूटर्स की ओर से माता रानी की छवि भेंट की गई। सांयकाल आयोजित दिव्य मंगल आरती लाभार्थी परिवार एवं उपस्थित श्रद्धालु भक्तों ने सामूहिक रूप से की। प्रसाद का वितरण सत्संग लाभार्थी शांतिलाल और विमल कुमार पोरवाड द्वारा किया गया।

भजन गायक रोडमल खाबिया ने "माताजी थारो भारी लाग्यो दरबार" तथा "ऊंचा-ऊंचा पहाड़ा जांई, बैठी चंदा मांई" जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सत्संग परिषद के व्यवस्था सहयोगी शौकिन पोरवाड़ ने सभी का आभार व्यक्त किया। आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामूहिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।

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