चित्तौड़गढ़: डूंगला में धर्ममुनि महाराज के 81वें जन्मोत्सव पर सामूहिक पारणा महोत्सव
महासाध्वी धैर्य प्रभा महाराज की प्रेरणा से 300 तेला तप पूरे हुए; कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री गौतम दक और सांसद सीपी जोशी शामिल हुए।
तस्वीर में डूंगला के हॉल में कतारों में बैठकर लोग पारणा मना रहे हैं।
डूंगला। दिवाकर नगरी डूंगला में पूज्य गुरुदेव धर्ममुनि महाराज के 81वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिवाकर धर्मशेरनी प्रवचन प्रभाविका महासाध्वी धैर्य प्रभा महाराज आदि ठाणा की प्रेरणा से 300 तेला तप पूर्ण हुए, जिनका सामूहिक पारणा महोत्सव शनिवार को आयोजित किया गया।
इस अवसर पर महासती धैर्य प्रभा महाराज ने प्रवचन में गुरुदेव के जीवन, संस्कारों और धर्म के प्रति समर्पण पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूज्य गुरुदेव धर्ममुनि महाराज का जीवन बचपन से ही धार्मिक संस्कारों से सुसज्जित रहा। जन्म के बाद से ही उनका मन धर्म और साधना में रमा रहा। उन्होंने गुरुदेव के जीवन से जुड़े अनेक प्रेरणादायी प्रसंगों और चमत्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें संथारा विशेषज्ञ, लौह पुरुष और स्पष्ट वक्ता के रूप में जाना जाता है।
गुरुदेव के गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन और संस्कारों ने गुरुदेव के जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि गुरुदेव का जन्मदिवस तभी सार्थक रूप से मनाया जा सकता है, जब हम उनके आदर्शों, त्याग और संयम के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।
सामूहिक पारणा महोत्सव में सहकारिता मंत्री गौतम दक, सांसद सी पी जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। इस दौरान संघ अध्यक्ष शांतिलाल मेहता, मंत्री कनक मल दक, चातुर्मास समिति अध्यक्ष सुरेश पितलिया, मंत्री रमेश मेहता सहित पदाधिकारी मौजूद थे। सामूहिक पारणे के लाभार्थी रमेश कुमार, अंकित कुमार और रोनक मेहता परिवार रहे।
दिवाकर नगरी में चल रही तपस्या की कड़ी में काना शर्मा ने 8 उपवास, मिठू लाल दक, हार्दिक भनावत और राजेश दानी ने 9 उपवास, यश मोगरा और रेखा गांग ने 7 उपवास तथा नीलम तातेड, मांगीलाल जारोली और सिद्धार्थ मेहता ने 6 उपवास किए। इसके अलावा कई श्रद्धालुओं की गुप्त तपस्याएं भी जारी हैं। सामूहिक पारणा महोत्सव ने धर्ममुनि महाराज के 81वें जन्मदिवस के अवसर पर चल रही तप आराधना को विशेष स्वरूप प्रदान किया।