धनोरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना लाभार्थी को चेक सौंपते हुए।

निंबाहेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम धनोरा में बुधवार को दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से जुड़े किसानों एवं पशुपालकों के लिए विकास, सहयोग एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वंडर सीमेंट लिमिटेड के सहयोग से दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के लिए करवाए गए विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत लोकार्पण किया गया। इसी दौरान जेके सीमेंट वर्क्स की ओर से सरस डेयरी धनोरा के सदस्यों को 20 लीटर क्षमता के एल्यूमिनियम के भगोने (टब) वितरित किए गए। दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को ₹40-₹40 हजार के दो चेक सौंपे गए तथा प्रसव पर छह डेयरी सदस्यों को तीन-तीन लीटर घी वितरित किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ सरस दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बद्रीलाल जाट जगपुरा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में निंबाहेड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत फलवा के प्रशासक भोपराज टांक मौजूद रहे।

समारोह के प्रारंभ में दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के सदस्यों एवं ग्रामवासियों की ओर से मुख्य अतिथि उदयलाल आंजना, कार्यक्रम अध्यक्ष बद्रीलाल जाट जगपुरा तथा विशिष्ट अतिथि भोपराज टांक का साफा बंधवाकर एवं माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया।

इस दौरान समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों ने अतिथियों के समक्ष दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, सहकारिता तथा ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति से जुड़े विषयों पर चर्चा की। दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों को उपलब्ध कराए जा रहे सहयोग तथा भविष्य में समिति की गतिविधियों को और अधिक मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी : आंजना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों एवं पशुपालकों को सहकारी समितियों के माध्यम से संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन से जुड़ी हुई है। ऐसे में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को मजबूत करने से पशुपालकों को अपने दुग्ध उत्पाद के बेहतर प्रबंधन एवं विपणन के साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर मिलते हैं।

आंजना ने कहा कि गांवों के समग्र विकास के लिए केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होना भी उतना ही आवश्यक है। रोजगार, स्वरोजगार, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारिता आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

उन्होंने दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों से सहकारी समितियों से अधिकाधिक संख्या में जुड़ने तथा समिति की गतिविधियों को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

वंडर सीमेंट के सहयोग से विकास कार्यों का लोकार्पण

समारोह में वंडर सीमेंट लिमिटेड के सहयोग से दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति धनोरा के लिए करवाए गए विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि उद्योगों की ओर से सामाजिक सरोकारों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाने वाले विकास कार्यों से स्थानीय समुदाय को लाभ मिलता है। विशेष रूप से दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों जैसी संस्थाओं के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों को संगठित करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में ऐसे सहयोग की उपयोगी भूमिका रहती है।

जेके सीमेंट वर्क्स की ओर से डेयरी सदस्यों को 20 लीटर के एल्यूमिनियम के भगोने वितरित

समारोह के दौरान जेके सीमेंट वर्क्स की ओर से सरस डेयरी धनोरा के सदस्यों को पारितोषिक स्वरूप 20 लीटर क्षमता के एल्यूमिनियम के भगोने (टब) वितरित किए गए। दुग्ध उत्पादकों के दैनिक कार्यों में उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि किसानों एवं पशुपालकों के साथ जुड़े ऐसे सहयोगात्मक प्रयास ग्रामीण परिवारों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को ₹40-₹40 हजार के चेक सौंपे

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकार से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल के तहत दुर्घटना में हुई मौत के मामलों में दो मृतकों के परिजनों को ₹40-₹40 हजार की सहायता राशि के दो चेक सौंपे गए। इस दौरान उपस्थित अतिथियों एवं समिति सदस्यों ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस सहायता को दुग्ध उत्पादक परिवारों के प्रति समिति एवं सहयोगी संस्थाओं की सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की।

प्रसव पर छह डेयरी सदस्यों को तीन-तीन लीटर घी का वितरण

समारोह में सरस डेयरी से जुड़े परिवारों के लिए एक अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक पहल के तहत डेयरी के सदस्यों के परिवार में प्रसव होने पर छह लाभार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप तीन-तीन लीटर घी वितरित किया गया।

इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों का उद्देश्य केवल दूध संग्रहण एवं बिक्री तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समिति से जुड़े परिवारों के सामाजिक एवं पारिवारिक हितों को भी ध्यान में रखते हुए उपयोगी गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए।

दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों के हितों पर हुआ विचार-विमर्श

कार्यक्रम के दौरान किसानों एवं पशुपालकों की आय, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, सहकारी संस्थाओं की भूमिका तथा ग्रामीण परिवारों के सामाजिक हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। समिति सदस्यों ने दुग्ध उत्पादकों को सहकारिता से अधिक संख्या में जोड़ने, समिति की गतिविधियों का विस्तार करने तथा पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता व्यक्त की।

पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके हितों को ध्यान में रखते हुए सहकारी संस्थाओं को लगातार सक्रिय एवं मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है।

समिति पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में सरस डेयरी धनोरा के अध्यक्ष एवं सरस दुग्ध डेयरी चित्तौड़गढ़ के निवर्तमान डायरेक्टर शंकरलाल जाट, उपाध्यक्ष रतनलाल जाट, सचिव माधवलाल जाट एवं सह-सचिव हीरालाल जाट सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जमनालाल जाट, भेरूलाल जाट, बादाम बाई जाट, गुड्डी बाई गायरी, भगवती लाल जाट, सुरेशचन्द्र जाट, पृथ्वीराज जाट, सूर्यप्रकाश जाट, कालूराम सालवी सहित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के सदस्य, किसानबंधु एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

इसके अलावा नारायण जाट हथियाना, प्रकाश जाट मेवदा, वीपी सिंह नरधारी, प्रदीप चौधरी, गोपाल जाट कारुडा, आजाद बापू जाट, विक्रम अहीर, मुकेश धाकड़, ओंकार लाल, संतोष अहीर, जीतमल जाट, जीतमल पटेल, दला गायरी, नारायण गायरी, देवीलाल जाट, भगवतीलाल जाट, देवकिशन अहीर, शिवलाल अहीर, गुलाब जाट, रामलाल जाट, रतन जाट, हरलाल जाट, अनिल जाट, शांतिलाल डांगी, कालू गायरी, रामलाल गायरी, कालू सालवी, भोपराज सुथार, जमनालाल जाट, नंदलाल जटिया, कन्हैयालाल, नारायण भट्ट, प्रकाश प्रजापत, अशोक आमेटा, नाथूदास, प्रकाश आमेटा, भेरूलाल बंजारा, रतनलाल एवं सुरेश सालवी मेंबर सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन, ग्रामवासी एवं किसानबंधु उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों ने दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने, अधिक से अधिक पशुपालकों को सहकारिता से जोड़ने तथा ग्रामीण क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में सामूहिक प्रयास जारी रखने की बात कही।

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