चित्तौड़गढ़ में जलमग्न सड़क से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, ग्रामीणों ने दी PWD कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी
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तस्वीर में भूपालसागर के चोरवड़ी क्षेत्र में जलभराव से भरी टूटी सड़क से गुजरते हुए स्कूली बच्चे दिखाई दे रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। प्रातः काल संवाददाता नन्द लाल तेली। जिले के भूपालसागर उपखंड क्षेत्र की चोरवड़ी ग्राम पंचायत में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के दावों के बीच सड़क की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है। बाबरियों का खेड़ा से चोरवड़ी को जोड़ने वाली मुख्य डामरीकरण सड़क इस कदर खस्ताहाल और जलमग्न हो चुकी है कि स्थानीय ग्रामीणों का कहना है, “अब इस सड़क पर गाड़ियों की नहीं, बल्कि नाव या जहाज की जरूरत है।”
सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों में पानी लबालब भरा है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो चुका है। सबसे गंभीर स्थिति स्कूली बच्चों के सामने है, जिन्हें इसी रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ रहा है।
बाबरियों का खेड़ा से कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चोरवड़ी जाने के लिए इसी एकमात्र रास्ते पर निर्भर हैं। सड़क पर करीब 2 फीट तक गंदा पानी भरा हुआ है। इस पानी से होकर गुजरने के दौरान उसमें छिपे जहरीले जीव-जंतुओं और सांपों के काटने का डर बना रहता है। इसी खौफ के चलते कई बच्चों ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और PWD भूपालसागर से सड़क के दोनों तरफ उगी घनी और कंटीली झाड़ियों की तत्काल सफाई कराने की मांग की है, ताकि राहगीरों को सामने से आने वाले खतरे दिखाई दे सकें। इसके साथ ही स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुविधा के लिए मलबे व कंक्रीट से गड्ढों को भरकर तत्काल अस्थाई रास्ता तैयार कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का दौर थमने के बाद संपूर्ण सड़क मार्ग का नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण और मजबूत डामरीकरण कराया जाना चाहिए, ताकि आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और PWD भूपालसागर की ओर से इन मांगों पर शीघ्र त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो समस्त ग्रामीण PWD कार्यालय के सामने तालाबंदी कर उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है। फिलहाल जलमग्न और गड्ढों से भरी सड़क पर स्कूली बच्चों की आवाजाही गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।