मतदाता सूची से नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
चित्तौड़गढ़ में मतदाता सूची से पात्र नाम हटाने के आरोप पर कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और पुनः भौतिक सत्यापन की मांग की।
तस्वीर में कांग्रेस पार्टी के नेता चित्तौड़गढ़ उपखण्ड कार्यालय में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। मतदाता सूचियों से पात्र एवं स्थानीय मतदाताओं के नाम कथित रूप से अनुचित तरीके से हटाए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और तत्काल पुनः निरीक्षण की मांग की है। पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहर की ओर से उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में सामने आ रही शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि चित्तौड़गढ़ नगर परिषद क्षेत्र में बीएलओ द्वारा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान कई ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जो लंबे समय से संबंधित पते पर निवास कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में उचित भौतिक सत्यापन किए बिना तथा पूर्व सूचना दिए बिना मतदाताओं को अनुपस्थित अथवा अपात्र दर्शाया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि बिना उचित कारण एवं नोटिस के मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। जिन मतदाताओं के नाम गलत सत्यापन अथवा गलत रिपोर्ट के आधार पर हटाए गए हैं, उनका पुनः भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही नाम हटाने से पूर्व संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने तथा पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने का उचित अवसर दिया जाए।
कांग्रेस ने बीएलओ द्वारा की गई कार्रवाई एवं सत्यापन प्रक्रिया की प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने तथा पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करने की भी मांग की, ताकि किसी भी योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
इस दौरान वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, अनिल सोनी, रमेशनाथ योगी, नगेंद्र सिंह राठौड़, महेंद्र शर्मा, गोविंद शर्मा, महेश काकानी, सुरेंद्रनाथ योगी, मनोहर मेनारिया और नवरतन जीनगर मौजूद रहे।