विधिक जागरूकता क्लब से विद्यार्थियों को मिलेगी कानून की समझ, चित्तौड़गढ़ में पहल
चित्तौड़गढ़ के 10 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में विधिक जागरूकता क्लब खोले गए। श्री भुवनभानु सुरीश्वर जैन विद्यालय में योगिता पारीक ने क्लब का उद्घाटन कर विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और सहायता की जानकारी दी।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ के एक विद्यालय में 'विधिक जागरूकता क्लब' के बोर्ड के पास खड़े लोग नजर आ रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पहल की है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार चित्तौड़गढ़ शहर के 10 सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में विधिक जागरूकता क्लब खोले गए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को प्राधिकरण सचिव योगिता पारीक ने श्री भुवनभानु सुरीश्वर जैन उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता क्लब का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता के महत्व की जानकारी दी गई। सचिव योगिता पारीक ने बताया कि विधिक जागरूकता का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को उसके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना है, ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता, बाल अधिकार, बालश्रम निषेध कानून, बालविवाह रोकथाम, बाल संरक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को अपने आसपास के लोगों तक भी विधिक जानकारी पहुंचाने और समाज में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
सचिव ने कहा कि विधिक जागरूकता क्लब विद्यार्थियों में कानून के प्रति समझ विकसित करने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। क्लब के माध्यम से समय-समय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम, प्रश्नोत्तरी, निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
चित्तौड़गढ़ के अन्य विद्यालयों में भी विधिक जागरूकता क्लब स्थापित किए गए हैं। इनमें बिरला शिक्षा केंद्र, सेंट्रल एकेडमी, हिंदजिंक विद्यालय, मेजर नटवर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेंट पॉल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल आदि विद्यालय शामिल हैं। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों तक कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के साथ उन्हें अपने आसपास विधिक जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय किया जाएगा।