चित्तौड़गढ़ में रिखब लाल कावड़िया के मरणोपरांत नेत्रदान से दो दृष्टिहीनों को मिलेगी नई रोशनी
चित्तौड़गढ़ के राशमी निवासी रिखब लाल कावड़िया के आकस्मिक निधन के बाद परिजनों ने मरणोपरांत नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता की मिसाल पेश की। महावीर इंटरनेशनल की टीम ने कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया पूरी की, जिससे दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलेगी।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिला चिकित्सालय के गहन चिकित्सा इकाई (आई.सी.यू.) के बाहर महावीर इंटरनेशनल के सदस्य, चिकित्सा स्टाफ और परिजन खड़े नजर आ रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। मरकर भी किसी की आंखों में उजाला भरने के संकल्प को साकार करते हुए बुधवार को राशमी निवासी रिखब लाल कावड़िया के जिला चिकित्सालय में आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों ने सहमति और उपस्थिति में मरणोपरांत नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
नेत्रदान की इस पुनीत प्रक्रिया के दौरान महावीर इंटरनेशनल के सी. पी. जैन, अनिल पोखरणा एवं अभय संजेती उपस्थित रहे। महावीर इंटरनेशनल नेत्र चिकित्सालय की नेत्र सर्जन डॉ. कनिका तुलसानी के निर्देशन में वसीम खान एवं मनोज वैष्णव ने कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न की।
मरणोपरांत प्राप्त दोनों नेत्रों से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को जीवन में नई रोशनी मिलेगी। दिवंगत रिखब लाल कावड़िया का यह नेत्रदान समाज में मानव सेवा और अंगदान के प्रति प्रेरणा का संदेश देता रहेगा तथा उनकी अमर विरासत के रूप में याद किया जाएगा।