तस्वीर में दिख रही सफेद कार की डिक्की और पार्सल ट्रे पर भूरे रंग के टेप से लिपटे कई छोटे पैकेट रखे हुए हैं, जबकि नीचे स्टेपनी का हिस्सा खुला नजर आ रहा है।

चित्तौड़गढ़ में देशव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो राजस्थान यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। सीबीएन की टीम ने जिले की बड़ी सादड़ी तहसील अंतर्गत बोहेड़ा गांव के पास एक लावारिस कार से 18 किलो 200 ग्राम अवैध अफीम बरामद की है।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो को सटीक गुप्त सूचना मिली थी कि राजस्थान रजिस्ट्रेशन नंबर वाली सफेद रंग की टाटा नेक्सॉन कार में अफीम की बड़ी खेप बाड़मेर क्षेत्र की ओर ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डिवीजन-2 के अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने संदिग्ध मार्गों पर निगरानी बढ़ाते हुए नाकाबंदी शुरू की।

नाकाबंदी के दौरान अधिकारियों को एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। सुरक्षा बलों को देखते ही कार चालक ने अचानक वाहन की दिशा बदली और तेज रफ्तार से भागने लगा। टीम ने तत्काल वाहन का पीछा किया, लेकिन आगे रास्ता दो अलग-अलग दिशाओं में बंटने के कारण संदिग्ध वाहन नजरों से ओझल हो गया।

इसके बाद टीम ने रणनीति बदलते हुए खुद को दो समूहों में विभाजित किया। दोनों टीमों ने संभावित मार्गों और आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान शुरू किया। लगातार तलाशी के बाद एक टीम ने दूर से ही संदिग्ध कार को ढूंढ निकाला। टीम जब वाहन के पास पहुंची तो कार में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था।

चालक की धरपकड़ के लिए एक टीम को सादे कपड़ों में कार के आसपास तैनात किया गया, जबकि दूसरी टीम चालक और वाहन मालिक की पहचान जुटाने में लग गई। काफी समय तक इंतजार करने के बावजूद कोई व्यक्ति कार का दावा करने नहीं आया। इसके बाद मौके पर कार की प्रारंभिक तलाशी ली गई, लेकिन वहां कुछ बरामद नहीं हुआ।

मौके पर कुछ नहीं मिलने के बाद वाहन को विस्तृत जांच के लिए सीबीएन कार्यालय लाया गया। वहां कार मैकेनिक की मदद से वाहन के एक-एक हिस्से की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि तस्करों ने कार की पिछली लाइट के पीछे एक विशेष गुप्त स्थान बना रखा था।

इस गुप्त स्थान की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखे गए 29 छोटे पैकेट बरामद हुए। पैकेटों की जांच करने पर इनमें कुल 18 किलो 200 ग्राम अवैध अफीम पाई गई। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ कर दिया है।

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