चित्तौड़गढ़ के बस्सी में खाद गोदाम का निरीक्षण करते कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी।

चित्तौड़गढ़ जिले में कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर गुण नियंत्रण अभियान के तहत निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए बस्सी स्थित मेसर्स राजश्री कृषि सेवा केंद्र के उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक लाइसेंस निलंबित कर दिए। वहीं, अनियमितताएं पाए जाने पर तीन कृषि आदान विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

कृषि विभाग की ओर से बुधवार को चित्तौड़गढ़, बस्सी एवं सेमलपुरा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। संयुक्त निदेशक कृषि कार्यालय के कृषि अधिकारी गोपाल लाल धाकड़ तथा सहायक निदेशक डॉ. शिवांगी जोशी ने औचक निरीक्षण के दौरान खाद, बीज एवं कीटनाशकों के स्टॉक, गुणवत्ता मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान तीन प्रतिष्ठानों पर विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

निरीक्षण के दौरान बस्सी स्थित मेसर्स राजश्री कृषि सेवा केंद्र पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रतिष्ठान पर उर्वरक की मूल्य सूची और स्टॉक रजिस्टर प्रदर्शित नहीं थे। इसके अलावा उर्वरक, बीज एवं कीटनाशकों के आवश्यक स्टॉक रजिस्टर भी मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। जांच में उर्वरकों का भौतिक स्टॉक विक्रय बिलों से मेल नहीं खाता पाया गया।

इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण दल ने संबंधित फर्म के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की। संयुक्त अनुशंसा के आधार पर संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. शंकरलाल जाट ने मेसर्स राजश्री कृषि सेवा केंद्र के उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से संचालित गुण नियंत्रण अभियान के तहत कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच आगे भी जारी रहेगी। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

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