चित्तौड़गढ़ कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: एक उर्वरक लाइसेंस निलंबित, सात को नोटिस

उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाया, नियमों की अनदेखी पर प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई।

Update: 2026-05-27 13:55 GMT

चित्तौड़गढ़ में 'हर्षित बीज भंडार' का निरीक्षण करती कृषि विभाग की टीम और अधिकारी।

चित्तौड़गढ़। जिले में किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा यूरिया की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने एक सख्त विशेष अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के तहत बुधवार को विभाग के अधिकारियों ने जिले भर के विभिन्न उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर एक विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और सात अन्य प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

कार्रवाई के दौरान सहायक निदेशक कृषि ने 'मैसर्स किसान जीएसएस आकोला' के विक्रय परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां अनेक गंभीर विसंगतियां सामने आईं। प्रतिष्ठान पर उर्वरकों की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं थी और स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में संधारित नहीं पाया गया। साथ ही, स्टॉक रजिस्टर का प्राधिकृत अधिकारी से प्रमाणित न होना, उर्वरक बिक्री का रिकॉर्ड अव्यवस्थित होना और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में भारी अंतर पाए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इन खामियों के आधार पर कृषि अधिकारी प्रशांत कुमार जाटोलिया ने उर्वरक अनुज्ञापत्र (लाइसेंस) निलंबन की अनुशंसा की, जिसे स्वीकार करते हुए संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. शंकर लाल जाट ने 'मैसर्स किसान जीएसएस आकोला' का उर्वरक अनुज्ञापत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

अधिकारियों की टीम ने इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाते हुए अन्य प्रतिष्ठानों की भी सघन जांच की। सहायक निदेशक कृषि अंशु चौधरी, गोपाल लाल शर्मा एवं डॉ. शिवांगी जोशी ने 'मैसर्स श्रीराम फर्टिलाइजर्स', 'ग्राम सेवा सहकारी समिति', 'हर्षित फर्टिलाइजर्स' एवं 'श्री खाटू श्याम खाद बीज भंडार घटियावली' का निरीक्षण किया। यहां उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की पालना में कमियां पाए जाने पर इन सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

इसी क्रम में, सहायक निदेशक कृषि रामजस खटीक एवं कृषि अधिकारी प्रशांत कुमार जाटोलिया ने 'श्रीजी कृषि सेवा केन्द्र ताणा', 'आसापुरा कृषि सेवा केन्द्र' एवं 'पूजा बीज भंडार' का औचक निरीक्षण किया। इन प्रतिष्ठानों में भी उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों की अवहेलना पाई गई, जिसके परिणामस्वरूप इन्हें भी कारण बताओ नोटिस थमाए गए। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सहायक कृषि अधिकारी गोविंद लाल शर्मा तथा कृषि पर्यवेक्षक पुष्कर जाट, विष्णु मेनारिया एवं राधेश्याम वैष्णव उपस्थित रहे। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है और यह संदेश स्पष्ट है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।

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