बड़ीसादड़ी। उपखंड क्षेत्र के बोहेड़ा गांव में राजस्व विभाग के कर्मचारियों और भू-माफियाओं की कथित मिलीभगत से किसानों की जमीन हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। परिवादी लक्ष्मी लाल डागी पिता वेणीराम डागी ने आरोप लगाया है कि दशकों से काबिज और मकान बनाकर रह रहे अनपढ़ किसानों की कृषि भूमि हड़पने के लिए कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर राजस्व रिकॉर्ड में गलत तरीके से बंटवारा कराया गया।

पीड़ित किसानों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने हलका पटवारी और राजस्व कर्मचारियों से साठगांठ कर मौके की वास्तविक स्थिति का मौका मुआयना किए बिना ही कागजों पर बंटवारे की कार्रवाई पूरी कर ली। इस दौरान अनपढ़ किसानों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा निशानी का इस्तेमाल कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।

आरोप है कि इसी फर्जी बंटवारे के आधार पर भू-माफिया भोले-भाले किसानों को डरा-धमकाकर उनकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

किसानों ने बताया कि जब उन्होंने इस धोखाधड़ी का विरोध किया तो भू-माफियाओं ने पुलिस प्रशासन को ढाल बनाकर किसानों पर ही अवैध दबाव बनाना शुरू कर दिया। स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने और उल्टे भू-माफियाओं का साथ देने के आरोपों के बाद पीड़ितों को न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित न्यायालय ने पुलिस को आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज बनाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई जारी है।

मामले में किसानों की पुश्तैनी जमीन, कथित कूटरचित दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड में हुए बंटवारे और संबंधित पक्षों की भूमिका को लेकर उठे आरोप अब पुलिस कार्रवाई के केंद्र में हैं।

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