तस्वीर में बड़ी सादड़ी में आयोजित शिक्षकों की द्विदिवसीय वाकपीठ के दौरान कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक और अतिथि नजर आ रहे हैं।

बड़ी सादड़ी। ड्डंगला प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों की द्विदिवसीय वाकपीठ का आयोजन एलवा माता गौशाला में हुआ। वाकपीठ के समापन समारोह में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के कालूराम जाट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

समारोह की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया ने की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, पूर्व सीबीओ मिठ्ठूलाल रेबारी, एसीबीओ दिनेश धाकड़ सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। वाकपीठ में भाग लेने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

द्विदिवसीय वाकपीठ के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर विचार-विमर्श किया तथा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का मंच संचालन धनराज गाडरी ने किया। इस दौरान गोपी लाल बुनकर, नारायणलाल भील, हीरालाल जाट सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कालूराम जाट ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षक का योगदान बहुत अहम है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित कर उन्हें देश का जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

इसके बाद कालूराम जाट ने द्विदिवसीय वाकपीठ के समापन की औपचारिक घोषणा की। अंत में कार्यकारिणी अध्यक्ष किशनलाल अहीर ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। वाकपीठ के माध्यम से शिक्षकों ने शैक्षणिक विषयों पर विचार-विमर्श कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विचार साझा किए।

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