बस्सी में पांच दिवसीय तेजाजी मेला शुरू, परिक्रमा में उमड़ी भीड़ के बीच व्यवस्था की खुली पोल
बस्सी में पांच दिवसीय तेजाजी मेला शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बैरिकेड और पुलिसकर्मियों की कमी से मेले में वाहन पहुंचते रहे और जाम लगा। परिक्रमा के दौरान मंदिर के बाहर भी पुलिस मौजूद नहीं रही।
तस्वीर में बस्सी के तेजाजी मंदिर परिसर में पीले और लाल फूलों के बीच जमीन पर लेटे हुए प्रार्थना करते श्रद्धालु और अन्य लोग नजर आ रहे हैं।
vजी मेले का आगाज हो गया। मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दुकानों पर चहल-पहल रही और जगह-जगह व्यापारियों ने जलपान की व्यवस्था की। हालांकि, मेले की व्यवस्थाओं को लेकर पहले ही दिन सवाल खड़े हो गए।
त्योहारों को लेकर तीन दिन पहले आयोजित बैठक में चर्चा हुई थी कि मेले के दौरान चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी और दोपहिया वाहन चालकों के लिए निःशुल्क व्यवस्था रहेगी। इसके बावजूद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर, अस्पताल के पास और सब्जी मंडी के यहां बैरिकेड नहीं लगाए गए। इन स्थानों पर पुलिस जवान भी मौजूद नहीं रहे। इसके चलते वाहन चालक अपने वाहन लेकर मेले में पहुंचते रहे। इससे मेलार्थियों को आने-जाने में परेशानी हुई और बार-बार जाम की स्थिति बनी रही।
मेले के दौरान कुछ युवाओं द्वारा बार-बार पुपाड़ी बजाकर महिलाओं को परेशान करने की बात भी सामने आई। आमतौर पर वाहनों की आवाजाही अस्पताल के बाहर ही रोक दी जाती है, लेकिन इस बार इस ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं गया। इससे मेलार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिक्रमा के दौरान तेजाजी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मंदिर में किसी तरह की परेशानी होने पर मेला कमेटी ने एक पुलिसकर्मी को अंदर बुलाया, लेकिन मंदिर के बाहर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। मेला कमेटी अध्यक्ष नंदकिशोर कोठारी ने उच्च अधिकारियों को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी अन्य पुलिसकर्मियों को फोन कर सिपाही भेजने के लिए कहा, लेकिन एक भी सिपाही मौके पर नहीं पहुंचा। मंदिर कमेटी ने भी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि बड़े कस्बे में मेले के दौरान यदि ऐसी स्थिति है तो दो दिनों में होने वाले और बड़े त्योहारों के दौरान व्यवस्थाएं कैसी रहेंगी। बार-बार कहने पर जवाब मिला कि वहां दो पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। वहीं, मेले में भी एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया, जिससे व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शाम के समय मेले में भीड़ और बढ़ने की संभावना के बीच बस्सी की व्यवस्था और जिम्मेदारी किसके पास है, इसे लेकर चर्चा बनी हुई है। मेले के दोनों ओर बैरिकेड नहीं लगाए जाने और चौराहे पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं होने से वाहन चालक मेले के भीतर तक पहुंचते रहे। इससे मेलार्थियों को परेशानी हुई।
मेले में दूर-दराज से ग्रामीण भी पहुंच रहे हैं। बड़ी स्कूल में पार्किंग की व्यवस्था की गई है और इसका बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद वाहन मेले के अंदर आते-जाते रहे। पांच दिवसीय मेले के पहले दिन ही सामने आई इन व्यवस्थागत स्थितियों ने आयोजन के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।