बड़ीसादड़ी में अपहरण और बंधक बनाकर बलात्कार के मामले में अभियुक्त बरी
बड़ीसादड़ी में अपहरण, बंधक बनाकर बलात्कार के मामले में हरविंदर सिंह बरी, अभियोजन अपराध साबित करने में असफल रहा।
न्यायालय अपर जिला एवं सेशन न्यायालय बड़ीसादड़ी ने अपहरण, बंधक बनाकर बलात्कार करने के आरोप में अभियुक्त हरविंदर सिंह पिता कुलदीप सिंह निवासी मंडोली कला, पुलिस थाना मोरीण्डा, पंजाब को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए अपराध को साबित करने में असफल रहा।
घटना के अनुसार प्रार्थिया ने पुलिस थाना बड़ीसादड़ी में रिपोर्ट दी थी कि उसे संतान नहीं हो रही थी और उसने संतान प्राप्ति के लिए मन्नत मांग रखी थी। इसी दौरान अभियुक्तगण उसे बहला-फुसलाकर चित्तौड़ ले गए। वहां से डरा-धमकाकर अजमेर ले गए और अजमेर से पंजाब ले गए। प्रार्थिया के अनुसार पंजाब ले जाने के बाद उसे बंधक बनाकर उसके साथ बलात्कार किया गया।
प्रार्थिया ने बताया कि मौका मिलते ही वह वहां से भागकर आई और पुलिस थाना बड़ीसादड़ी में प्रकरण दर्ज कराया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना बड़ीसादड़ी ने धारा 366, 342, 376 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अनुसंधान किया और चालान न्यायालय बड़ीसादड़ी में पेश किया।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभिषेक कोडप के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष अभियुक्त के खिलाफ अपराध साबित करने में असफल रहा। न्यायालय ने अपहरण और बलात्कार के मामले में संदेह का लाभ देते हुए अभियुक्त हरविंदर सिंह को बरी कर दिया।
अभियुक्त हरविंदर सिंह की ओर से बड़ीसादड़ी के एडवोकेट मुकेश जती गोस्वामी ने पैरवी की। न्यायालय के इस निर्णय के साथ अपहरण, बंधक बनाकर बलात्कार के आरोप से संबंधित मामले में अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया गया।