बड़ी सादड़ी: निकुंभ के पार्श्वनाथ जैन मंदिर में धूमधाम से मना पर्यूषण पर्व
संवत्सरी पर क्षमायाचना के साथ वरघोड़ा निकाला गया, तपस्वियों का पारणा कराया गया और अखंड नवकार जाप का समापन हुआ।
तस्वीर में निकुंभ स्थित भवन के बाहर खड़े जैन समाज के लोग दिखाई दे रहे हैं।
बड़ी सादड़ी। निकुंभ कस्बे के पार्श्वनाथ जैन मंदिर पर पर्यूषण पर्व की समाप्ति के अवसर पर धार्मिक आयोजन धूमधाम से संपन्न हुए। आकर्षक विद्युत साज-सज्जा एवं प्रतिमा श्रृंगार के बाद अभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात बैंड-बाजों के साथ भगवान का वरघोड़ा निकाला गया। इस दौरान वर्षभर में हुई मानवीय भूलों एवं अनजानी अविनयताओं के लिए एक-दूसरे से क्षमायाचना करते हुए संवत्सरी पर्व मनाया गया।
भजन गायकों ने पार्श्वनाथ भगवान के गुणानुवाद करते हुए सुंदर भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा माहौल धर्ममय हो गया। महिला, पुरुष तथा बच्चों ने उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया और तप-तपस्या करने वाले लाभार्थियों का अभिनंदन किया। समाजजनों ने दीपक आरती कर भगवान का अभिवादन किया।
दूसरी तरफ समता भवन में साधु मार्गी जैन संघ के तत्वावधान में शासन दीपक निश्चल मुनि मसा के नियमित प्रवचन हुए। मुनिश्री ने मानव जीवन में परोपकार एवं जीव दया का पालन करते हुए आगामी भव के लिए पुण्य के खाते में बैंक बैलेंस अर्जित करने की बात कही।
नमन सहलोत की 10 दिवस की तपस्या अनवरत रहने एवं सनातन श्रावक नंदलाल सालवी द्वारा 41 दिवस की तपस्या पूर्ण करने पर विधिवत पारणा कराया गया।
समता युवा संघ के अध्यक्ष मनोज सहलोत ने बताया कि पर्यूषण पर्व के अवसर पर समता भवन में चल रहे अखंड नवकार जाप का समापन किया गया। महिला मंडल अध्यक्ष कांता देवी पोरवाल एवं युवा संघ मंत्री प्रदीप जैन ने नवकार जाप में सहयोग करने वाले श्रावक-श्राविकाओं का आभार जताया। महिला मंत्री रेणु सोनी ने चातुर्मास में श्राविकाओं को अधिक से अधिक तप-तपस्या करने का अनुरोध किया।
पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर मंदिर में वरघोड़ा, संवत्सरी पर्व, भजन, आरती और तपस्वियों के अभिनंदन के साथ धार्मिक आयोजनों का क्रम संपन्न हुआ।