तस्वीर में कृष्ण वाटिका खेल मैदान में आयोजित 36वीं राज्य स्तरीय सेपक टकरा प्रतियोगिता के समापन समारोह में विजेता खिलाड़ी, अतिथि और संघ के पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।

कृष्ण वाटिका खेल मैदान में आयोजित 36वीं राज्य स्तरीय सीनियर ओपन सेपक टकरा प्रतियोगिता का रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। दो दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के 17 जिलों से आए 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में जोधपुर की टीम ने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम रखा।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि दिव्य आनंदधाम श्री रामद्वारा के संत अनंतराम शास्त्री महाराज रहे, जबकि अध्यक्षता राजस्थान सेपक टकरा संघ के प्रदेश अध्यक्ष टीके सिंह ने की। विशिष्ट अतिथियों में संघ के सचिव राजेंद्र सिंह चौहान, चित्तौड़गढ़ शारीरिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत शर्मा, व्याख्याता (शारीरिक शिक्षा) तेजपाल जणवा, लक्ष्मण सिंह शेखावत, सेपक टकरा संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष रूप सिंह भाटी एवं मोहित योगी शामिल रहे।

चित्तौड़गढ़ शारीरिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत शर्मा ने खिलाड़ियों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से खिलाड़ी सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।

मुख्य अतिथि संत अनंतराम शास्त्री महाराज ने कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि संपूर्ण जीवन भी एक प्रकार का खेल है, जिसमें निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। हार को निराशा नहीं, बल्कि सीख और सुधार का अवसर मानना चाहिए। खिलाड़ियों द्वारा अपनी गलतियों से सीख लेने पर सफलता उनसे दूर नहीं रह सकती।

उन्होंने कहा कि खेलों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास होता है। खिलाड़ियों को प्रत्येक मुकाबले से अनुभव अर्जित कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बड़ीसादड़ी में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में राजस्थान सेपक टकरा संघ के प्रदेश अध्यक्ष टीके सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रदेशभर से खिलाड़ियों की उत्साहजनक भागीदारी खेल के प्रति बढ़ते आकर्षण का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सेपक टकरा युवाओं में शारीरिक क्षमता के साथ एकाग्रता, अनुशासन और टीम भावना का विकास करता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर और मंच उपलब्ध कराने की है। ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने आयोजन समिति, निर्णायकों, खिलाड़ियों, कोचों, नगरवासियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

चित्तौड़गढ़ सेपक टकरा संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह भाटी ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर सभी खिलाड़ियों, कोचों, टीम प्रभारियों, निर्णायकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक रोहित चौहान ने परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि पुरुष रेग्यू इवेंट में जोधपुर प्रथम, बाड़मेर द्वितीय तथा नागौर एवं झुंझुनूं संयुक्त तृतीय स्थान पर रहे। महिला रेग्यू इवेंट में बांसवाड़ा प्रथम, चूरू द्वितीय तथा जोधपुर एवं भीलवाड़ा संयुक्त तृतीय स्थान पर रहे।

पुरुष डबल्स इवेंट में जोधपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बाड़मेर द्वितीय तथा सीकर एवं नागौर तृतीय स्थान पर रहे। महिला डबल्स इवेंट में भी जोधपुर ने खिताब अपने नाम किया। पाली द्वितीय तथा चूरू एवं बांसवाड़ा तृतीय स्थान पर रहे।

समापन समारोह में विभिन्न वर्गों की विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी, पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद खिलाड़ियों ने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प व्यक्त किया।

प्रतियोगिता के सफल संचालन में राजस्थान सेपक टकरा संघ के प्रदेश अध्यक्ष टीके सिंह, सचिव राजेंद्र सिंह चौहान, चित्तौड़गढ़ सेपक टकरा संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह भाटी, आयोजन समिति अध्यक्ष विजय कुमार वाजपेयी, सेपक टकरा संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष रूप सिंह भाटी, सचिव उदय सिंह भाटी, प्रशिक्षक विक्रांत सिंह पंवार, लेखन टीम प्रभारी गजेंद्र सिंह गहलोत, महेश कुमार गदिया, इन्द्रमल सिंह डोडिया तथा घनश्याम स्वर्णकार का विशेष सहयोग रहा। 36वीं राज्य स्तरीय सीनियर ओपन सेपक टकरा प्रतियोगिता में 17 जिलों के 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाया।

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