बंपर उछाल के साथ खुला शेयर बाजार: रिलायंस के शेयरों में 6% की जोरदार छलांग, कच्चे तेल के गिरे दाम|
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मजबूत घरेलू संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
शेयर बाजार में तेजी और बढ़ते सूचकांक को दर्शाती एक सांख्यिकीय ग्राफिक छवि, जिसे प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। घरेलू और वैश्विक स्तर पर मिले कई सकारात्मक संकेतों के चलते आज बाजार ने जोरदार उड़ान भरी है। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर 75,444 के स्तर पर पहुँच गया, जबकि निफ्टी भी 23,324 के अंक पर जा पहुँचा। बाजार में आई इस चौतरफा तेजी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप मात्र 30 मिनट के भीतर ही 6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 480 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज शेयर बाजार में इस भारी उछाल के पीछे कौन-से मुख्य कारण हैं।
1. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 6% की जोरदार तेजी
मुकेश अंबानी की देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी 'रिलायंस इंडस्ट्रीज' के शेयरों में सोमवार, 2 नवंबर को जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। कंपनी का शेयर एनएसई (NSE) पर पिछले कारोबारी दिन के 1,164.90 रुपये के मुकाबले 1,228.10 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह शेयर 6 प्रतिशत से अधिक उछलकर 1,246.40 रुपये के उच्च स्तर पर पहुँच गया। कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा काफी हद तक बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर बाजार की तेजी पर दिखाई दे रहा है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी ने भी भारतीय बाजार को बहुत बड़ा सहारा दिया है। ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 3.2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 109.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके साथ ही, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 3.3 प्रतिशत गिरकर 100.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। तेल की कीमतों में यह कमी देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
3. मजबूत अर्थव्यवस्था और टैक्स बदलाव की उम्मीद
भारतीय शेयर बाजार में इस तेजी को देश की मजबूत होती घरेलू अर्थव्यवस्था का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। दूसरी तिमाही में कंपनियों के अच्छे नतीजे सामने आए हैं, बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ 17.94 प्रतिशत दर्ज की गई है, और अक्टूबर महीने के जीएसटी (GST) कलेक्शन में भी 22.9 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। इन तमाम आंकड़ों ने निवेशकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, ये घरेलू आर्थिक संकेतक बाजार को मजबूती दे रहे हैं। इसके अलावा, आगामी केंद्रीय बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव या इसे समाप्त किए जाने की उम्मीदों पर भी बाजार की नजर है। निवेशक इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश कर रहे हैं, जिससे फिलहाल बाजार में तेजी लाने वाले 'बुल्स' का पलड़ा भारी है।
4. भू-राजनीतिक मोर्चे पर युद्ध खत्म होने की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच राहत भरी खबरें आई हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक बातचीत की उम्मीदें बढ़ी हैं। कतर की मध्यस्थता में ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच लगातार तीसरे दिन महत्वपूर्ण बैठक हुई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को जानकारी दी कि इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य संवाद जारी रखना है और ईरान रक्षा के साथ-साथ कूटनीतिक समाधान के लिए भी पूरी तरह तैयार है। वैश्विक स्तर पर तनाव घटने की इस उम्मीद ने भी शेयर बाजार को नई रफ्तार दी है।