औरंगाबाद POCSO कोर्ट का फैसला, दो अभियुक्तों को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा
औरंगाबाद की स्पेशल POCSO कोर्ट ने कासमा थाना कांड में सरजु भुईयां और प्रवेश भुईयां को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। मामले में नाबालिग से जुड़ी घटना के बाद एक व्यक्ति की मौत हुई थी।
तस्वीर में औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय का मुख्य प्रवेश द्वार और परिसर दिखाई दे रहा है, जहां से लोग आते-जाते नजर आ रहे हैं।
औरंगाबाद। व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश लक्ष्मी कांत मिश्रा ने कासमा थाना के एक कांड में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों को सजा सुनाई है। स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता के अनुसार, बलजोरी बिगहा के पिपरा टोला निवासी प्राथमिक अभियुक्त सरजु भुईयां और प्रवेश भुईयां को भादंवि की धारा 304 के तहत दस साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने दोनों अभियुक्तों को भादंवि की धारा 323 के तहत एक साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है। वहीं, सरजु भुईयां को भादंवि की धारा 354 के तहत तीन साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि इस मामले में अभियोजन की ओर से कुल 09 गवाही हुई। प्राथमिकी सूचक नाबालिग पीड़िता के भाई ने घटना के दिन 18 फरवरी 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी में बताया गया था कि उसकी बहन सुबह शौच करने गई थी। इसी दौरान अभियुक्तों ने उसका दुपट्टा खींच लिया। वह वहां से भागकर अपनी इज्जत बचाने में सफल रही और घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
इसके बाद प्राथमिकी सूचक अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ अभियुक्तों के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां अभियुक्तों ने लाठी से मारकर उसके पिता और भाई को बुरी तरह घायल कर दिया। घायलों में से एक की इलाज के क्रम में मृत्यु हो गई थी।
मामले में दोनों अभियुक्त आठ माह से अधिक समय जेल में रह चुके हैं। दोनों के खिलाफ आरोप गठन 17 फरवरी 2021 को हुआ था। मामले में अभियोजन की ओर से हुई 09 गवाहियों के बाद अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्धि के अनुरूप दंड सुनाया।