भीलवाड़ा। धनतेरस की खुशियों के बीच चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना क्षेत्र स्थित मेनाल में हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की दीपावली को मातम में बदल दिया। सांवरियाजी के दर्शन कर कोटा लौट रहे एक परिवार की कार अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरी। कार पानी के टैंकर से टकराने के बाद हाईवे निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक महिला सहित तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। इनमें तीन मजदूर और कार में सवार कोटा का एक ही परिवार शामिल है।

धनतेरस के दिन बाजारों में खरीदारी की रौनक थी और घरों में दीपावली की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच मेनाल में हाईवे निर्माण कार्य के दौरान मजदूर अपने काम में जुटे थे। उनके लिए भी त्योहार पर घर लौटने और परिवार के साथ खुशियां मनाने की उम्मीद थी, लेकिन अचानक पुलिया से एक बेकाबू कार नीचे आ गिरी।

प्रत्यक्ष घटनाक्रम के अनुसार, पुलिया से नीचे गिरते समय कार पानी के टैंकर से टकराई और वहां काम कर रहे करीब आधा दर्जन मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पलों में घटनास्थल चीख-पुकार से गूंज उठा। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सांवता (50), पुत्र देबीलाल ओड, निवासी बोलपुरिया, प्रेम (35), पत्नी शंभूलाल बंजारा, निवासी बंजारों की जलेरी और बिहारीलाल (48), पुत्र नाथू बंजारा, निवासी बिलोना बड़ी, आरोली के रूप में हुई है। तीनों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दीपावली से ठीक पहले हुए इस हादसे ने उन घरों की खुशियां छीन लीं, जहां त्योहार की तैयारियां चल रही थीं।

हादसे में घायल मजदूरों की पहचान चांदनी पत्नी नंदलाल बंजारा, सुनीता पत्नी फतहलाल बंजारा और अर्जुन पुत्र बिहारी बंजारा के रूप में हुई है।

वहीं, कार में सवार कोटा के कुन्हाड़ी निवासी परिवार के पांच सदस्य भी हादसे में घायल हो गए। घायलों में भूपेंद्र पुत्र बालकिशन, उनकी पत्नी रीना, बेटी साक्षी, अदिक्षा और बेटा उमंग शामिल हैं। यह परिवार सांवरियाजी के दर्शन करने के बाद कोटा लौट रहा था। दर्शन कर घर पहुंचने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की उम्मीद के बीच रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही मांडलगढ़ थाना प्रभारी राजकुमार नायक पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों और तीनों मृतकों को मांडलगढ़ अस्पताल पहुंचाया। लाडपुरा चौकी प्रभारी रामसिंह के अनुसार, कार में सवार पांचों लोगों और घायल तीनों मजदूरों की गंभीर हालत को देखते हुए सभी आठ घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटनास्थल बेगूं थाना क्षेत्र में होने के कारण मांडलगढ़ पुलिस ने बेगूं पुलिस को भी सूचना दी।

इस हादसे ने हाईवे निर्माण स्थलों पर मजदूरों और राहगीरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिया पर सुरक्षा अवरोध, चेतावनी संकेत और निर्माण स्थल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। आखिर कार अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे कैसे गिरी और निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या प्रबंध किए गए थे, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

धनतेरस पर हुए इस हादसे ने तीन परिवारों से उनके अपने छीन लिए। जिन घरों में दीपावली के दीप जलाने की तैयारियां थीं, वहां अब अपनों को खोने का गम है। त्योहार की रोशनी के बीच मेनाल का यह हादसा सड़क दुर्घटनाओं और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को एक बार फिर सामने ले आया है।

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