पुत्रदा एकादशी पर काशीपुरी धाम में गूंजा बाबा श्याम का भव्य संकीर्तन, झूमे श्रद्धालु
भीलवाड़ा के काशीपुरी धाम में पुत्रदा एकादशी पर बाबा श्याम का भव्य संकीर्तन हुआ, जिसमें श्रद्धालु भजनों पर झूमे और आरती में शामिल हुए।
तस्वीर में काशीपुरी धाम स्थित श्री श्याम मंदिर में आयोजित संकीर्तन के दौरान भजन प्रस्तुत करते हुए गायक और बैठी हुई श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है।
काशीपुरी धाम स्थित श्री श्याम मंदिर में पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर रविवार को भव्य श्री श्याम संकीर्तन का आयोजन किया गया। शाम 7:15 बजे शुरू हुए संकीर्तन में बड़ी संख्या में श्याम प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में भजन गायक अभी अनुज पारिक (भीलवाड़ा) ने बाबा श्याम के एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। बाबा श्याम का मनमोहक श्रृंगार और मंदिर की आकर्षक सजावट भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
श्री श्याम सेवा समिति (रजि.), काशीपुरी, भीलवाड़ा के अध्यक्ष सुरेश पौधार ने बताया कि एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस संकीर्तन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दर्शन किए और संकीर्तन का लाभ लिया।
मीडिया प्रभारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि पुत्रदा एकादशी के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण मजबूत होता है तथा नई पीढ़ी भी अपनी सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ती है।
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित पावन तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, भगवान विष्णु की पूजा, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य करने से परिवार में सुख-समृद्धि, संतान सुख और मंगल की कामना की जाती है। श्रद्धालु इस दिन भगवान का स्मरण और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
भव्य भजन संध्या के पश्चात बाबा श्याम की आरती की गई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा श्याम की आरती में भाग लिया और परिवार एवं समाज की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
समिति की ओर से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं, भजन प्रेमियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया।