गंगापुर नगरपालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के दो दावेदार आमने-सामने, भाजपा ने भी उतारा उम्मीदवार
गंगापुर नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस के 14 पार्षदों के बहुमत के बावजूद प्रीति काकाणी और ललिता सांखला आमने-सामने हैं। भाजपा ने भी विंकल सिंघवी को मैदान में उतारा है। चुनाव 21 सितंबर को होगा।
तस्वीर में गंगापुर नगरपालिका अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान भाजपा नेता और समर्थक निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कागजात सौंपते नजर आ रहे हैं।
गंगापुर-भीलवाड़ा। गंगापुर नगरपालिका अध्यक्ष पद का चुनाव अब बहुमत के भीतर शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक रणनीति के बीच पहुंच गया है। 25 वार्डों वाली नगरपालिका में कांग्रेस के 14 पार्षद जीतकर स्पष्ट बहुमत में हैं, इसके बावजूद अध्यक्ष पद के लिए पार्टी की ओर से दो अलग-अलग दावेदार सामने आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। कांग्रेस की प्रीति काकाणी और ललिता मनीष सांखला ने अध्यक्ष पद के लिए अलग-अलग नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। चुनाव परिणाम में कांग्रेस को 14, भाजपा को 9 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिली थीं।
अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की दोनों महिला दावेदारों ने निर्वाचन अधिकारी विवेक गुर्जर के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। नामांकन प्रक्रिया से पहले नवनिर्वाचित पार्षदों को पार्षद पद की शपथ भी दिलाई गई। इसके बाद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल होने के साथ ही कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान खुलकर राजनीतिक मुकाबले में बदलती नजर आई।
प्रीति काकाणी वार्ड 9 से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने 352 मत हासिल कर 97 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं ललिता मनीष सांखला वार्ड 13 से कांग्रेस की विजेता रही हैं और उन्होंने 51 मतों से जीत हासिल की।
कांग्रेस के भीतर दो दावेदारों के सामने आने के बीच भाजपा ने भी अध्यक्ष पद की दौड़ में अपना उम्मीदवार उतार दिया है। भाजपा की ओर से विंकल सिंघवी ने निर्वाचन अधिकारी विवेक गुर्जर को नामांकन पत्र सौंपा। नामांकन के दौरान भाजपा विधायक लादू लाल पितलिया और पार्टी पर्यवेक्षक अरविंद चौधरी सहित भाजपा के अन्य नेता मौजूद रहे।
विंकल सिंघवी वार्ड 22 से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने 276 मत प्राप्त कर 186 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
नामांकन के दौरान विधायक लादू लाल पितलिया ने गंगापुर नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बनाने का दावा किया। भाजपा की ओर से फिलहाल किसी अन्य खेमे को समर्थन देने के संकेत नहीं दिए गए हैं। ऐसे में कांग्रेस के दोनों खेमों के बीच चल रही राजनीतिक रस्साकशी के बीच भाजपा की रणनीति पर भी नजरें टिक गई हैं।
गंगापुर नगरपालिका में कांग्रेस के पास 14 पार्षदों के साथ बहुमत है, जबकि बोर्ड बनाने के लिए 13 पार्षदों का समर्थन पर्याप्त है। इसके बावजूद कांग्रेस के दो अलग-अलग उम्मीदवारों के नामांकन ने चुनाव को सीधे कांग्रेस बनाम भाजपा मुकाबले से आगे बढ़ाकर बहुमत के भीतर शक्ति प्रदर्शन की स्थिति में ला दिया है। दो निर्दलीय पार्षद भी निर्वाचित हुए हैं, इसलिए अंतिम समय तक होने वाली राजनीतिक गतिविधियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। डीएसपी सुदर्शन पालीवाल और थाना प्रभारी पूरणमल मीणा की अगुवाई में बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। नगरपालिका परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी के बीच नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई गई।
अब गंगापुर की सियासत में कांग्रेस के 14 पार्षद किस खेमे के साथ खड़े होते हैं और भाजपा अपने उम्मीदवार के पक्ष में कितनी राजनीतिक जमीन तैयार कर पाती है, इस पर नजर है। कांग्रेस का बहुमत कागज पर स्पष्ट है, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए दो कांग्रेस प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से पार्टी के भीतर मतों का समीकरण निर्णायक बन गया है। वहीं भाजपा के 9 पार्षद और दो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी चुनावी गणित में चर्चा का विषय बनी हुई है।
अध्यक्ष पद का मुकाबला अब केवल कांग्रेस बनाम भाजपा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस के भीतर की गुटीय राजनीति और भाजपा की रणनीति के बीच भी केंद्रित हो गया है। हालांकि अंतिम परिणाम पार्षदों के मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा। अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना है।
गंगापुर नगरपालिका की अध्यक्ष की कुर्सी अब बहुमत, गुटबाजी और रणनीतिक जोड़-तोड़ के बीच केंद्र में है। आने वाले दिनों में किस खेमे के पार्षद किसके साथ दिखाई देते हैं, इसी से अध्यक्ष पद की तस्वीर साफ होगी।