तस्वीर में भीलवाड़ा के सभागार परिसर में भगवा दुपट्टा पहने अतिथि खड़े दिखाई दे रहे हैं।

भीलवाड़ा। हिंदी दिवस के विशेष अवसर पर स्वर्गीय श्री रामजस सोडाणी स्मृति संस्थान, भीलवाड़ा की ओर से सोमवार को स्थानीय गीता भवन सभागार परिसर में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। शाम 6 से 7.30 बजे तक आयोजित गोष्ठी में हिंदी की महत्ता, उसकी मिठास और वर्तमान प्रासंगिकता पर कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भाव व्यक्त किए।

“हिंदी हमारी पहचान, हमारा अभिमान” और “भाषा सिर्फ बोलने का माध्यम नहीं, यह सोचने, महसूस करने और जोड़ने का सेतु है” के भाव के साथ आयोजित इस गोष्ठी में “शब्द समाज को जोड़ते हैं... हिंदी हमें जोड़ती है...” की सार्थकता कविताओं और विचारों के माध्यम से सामने आई।

गोष्ठी डॉ. अशोक सोडाणी की अध्यक्षता तथा श्रीमती अनिता सोडाणी के मुख्य आतिथ्य में हुई। आमंत्रित कविगण डॉ. अवधेश कुमार जौहरी, श्री ओम उज्ज्वल, श्री जयप्रकाश भाटिया, सुश्री दीपिका शर्मा एवं सुश्री अर्चिता मून्दड़ा ने कविताओं, विचार, संवाद, संस्कृति और हिंदी से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों ने हिंदी के महत्व, उसकी मिठास और वर्तमान में उसकी प्रासंगिकता पर सारगर्भित रचनाएं प्रस्तुत कीं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश वंदना भी की गई।

कार्यक्रम के आयोजक स्वर्गीय श्री रामजस जी सोडाणी स्मृति संस्थान के निदेशक एडवोकेट मोहित सोडाणी ने सभी अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य “शब्दों से सुदृढ़ समाज की ओर...” के संकल्प को आगे बढ़ाना है।

गणेश चतुर्थी पर्व के अवसर पर संस्थान की निदेशिका श्रीमती अनिता सोडाणी ने सभी आमंत्रित कवियों को सम्मान स्वरूप गणेश जी की मूर्ति भेंट की। मंच संचालन डॉ. अवधेश कुमार जौहरी ने कुशलतापूर्वक किया।

कार्यक्रम के अंत में सुश्री खुशबू सोडाणी ने सभी कविगण का आभार व्यक्त किया। हिंदी दिवस पर आयोजित इस काव्य गोष्ठी में कविता, विचार और सांस्कृतिक भावों के माध्यम से हिंदी के प्रति सम्मान और जुड़ाव की अभिव्यक्ति हुई।

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