गंगापुर नगरपालिका में फिर कांग्रेस का बोर्ड, दिनेश चंद्र तेली के विकास कार्यों की चर्चा तेज
गंगापुर नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस का बोर्ड बना। नतीजों के बाद दिनेश चंद्र तेली के कार्यकाल के विकास कार्यों की चर्चा तेज हुई।
गंगापुर नगरपालिका चुनाव के नतीजों के बाद एक बार फिर कांग्रेस के बोर्ड बनने से नगर में पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों और निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष दिनेश चंद्र तेली की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नगरवासियों के बीच यह चर्चा है कि दिनेश चंद्र तेली के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को जनता ने सराहा और इसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया।
दिनेश चंद्र तेली के कार्यकाल में नगरवासियों को उचित दरों पर हजारों पट्टे जारी किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आमजन के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां करवाने के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया।
बस स्टैंड पर सीसी निर्माण के साथ यात्रियों के ठहरने के लिए विश्रांति गृह का निर्माण कराया गया। डाक बंगला तथा सहाड़ा चौराहे पर सीसी निर्माण सहित कई स्थानों पर विश्रांति गृहों का निर्माण करवाया गया। अस्पताल में करीब दो करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए। वहीं गौशाला में टीन शेड, घास गोदाम और बीमार गौवंश के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में भी काम हुआ।
बताया जाता है कि पालिका की ओर से करीब 400 गौवंश की पांच वर्षों तक सेवा की गई। इसके अलावा नगर के सभी वार्डों में सीसी निर्माण कार्य करवाए गए। पशु चिकित्सालय, पुलिस थाना, उपखंड कार्यालय, नगरपालिका कार्यालय सहित अन्य सरकारी परिसरों में भी विभिन्न विकास कार्य किए गए।
नगरवासियों के बीच निवर्तमान अध्यक्ष दिनेश चंद्र तेली के कार्यकाल की एक और बात चर्चा में है। राजनीतिक उठापटक और विषम परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पार्षदों द्वारा निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। नगर की राजनीति में इसे भी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
नगरवासियों का एक वर्ग मानता है कि पिछले बोर्ड के दौरान हुए विकास कार्यों और आमजन से जुड़ी कार्यशैली का सकारात्मक असर चुनाव में दिखाई दिया। इसी के चलते जनता ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर गंगापुर नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चुनाव परिणामों के बाद अब कांग्रेस बोर्ड के सामने पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और नई उम्मीदों के अनुरूप शहर के विकास को गति देने की चुनौती रहेगी।