गंगापुर में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर भव्य शोभायात्रा, अखाड़ा कला बनी आकर्षण
शास्त्री नगर और इलाजी चौक मित्र मंडलों ने निकाली शोभायात्रा, श्रद्धालुओं ने पारंपरिक युद्ध कला और डीजे की धुन पर गणेश विसर्जन किया।
तस्वीर में गंगापुर शहर की सड़क पर सजाई गई गणेश प्रतिमाएं और एकत्र श्रद्धालु दिख रहे हैं।
गंगापुर-भीलवाड़ा। गणेश महोत्सव के समापन अवसर पर बुधवार को गंगापुर शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गणेश प्रतिमाओं के साथ भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए और पूरे मार्ग में गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
शास्त्री नगर मित्र मंडल, इलाजी का चौक मित्र मंडल तथा भूत बावजी मंदिर मित्र मंडल की ओर से गणेश प्रतिमाओं के साथ आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई। अलग-अलग स्थानों से शुरू हुई शोभायात्राएं शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरीं। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर गणपति की पूजा-अर्चना की।
शोभायात्रा में अखाड़ा प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण रहा। अखाड़े के कलाकारों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धकला के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। साहसिक प्रदर्शन देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। करतब देखकर श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु जमकर नाचे। युवा, महिलाएं और बच्चे गणपति भक्ति में झूमते नजर आए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर और जयकारे लगाकर उत्साह व्यक्त किया। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो गया।
शोभायात्रा में गणेश प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालु गणपति की प्रतिमा के दर्शन कर आशीर्वाद लेते नजर आए। आयोजक मित्र मंडलों की ओर से शोभायात्रा को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
विसर्जन यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर लोगों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमा के समक्ष आरती कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया।
गणेश महोत्सव के अंतिम दिन गंगापुर में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी नजारा देखने को मिला। विभिन्न मित्र मंडलों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर गणेशोत्सव को यादगार बनाया।