भीलवाड़ा में पति पर जानलेवा हमले का आरोप, पीड़िता ने एसपी से गिरफ्तारी और सुरक्षा की लगाई गुहार
भीलवाड़ा के गांधीनगर थाना क्षेत्र की पीड़िता सुमित्रा उर्फ सुमन तिवाड़ी ने पति प्रकाश तिवाड़ी पर जानलेवा हमले, प्रताड़ना और धमकियों के आरोप लगाते हुए एसपी से निष्पक्ष जांच, एफआईआर में उचित धाराएं जोड़ने, गिरफ्तारी और अपनी व बेटे की सुरक्षा की मांग की है।
तस्वीर में भीलवाड़ा के गांधीनगर थाना क्षेत्र की पीड़िता एम्बुलेंस के अंदर बैठी नजर आ रही हैं, जिनके हाथ और पैर में प्लास्टर बंधा हुआ है।
भीलवाड़ा के गांधीनगर थाना क्षेत्र निवासी एक पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और अपनी तथा अपने आठ वर्षीय मासूम बेटे की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने दर्ज मामले में जानलेवा हमले से संबंधित उचित धाराएं शामिल नहीं कीं और अब तक आरोपी की गिरफ्तारी भी नहीं की गई है।
पीड़िता सुमित्रा उर्फ सुमन तिवाड़ी (उम्र 32 वर्ष) ने अपने ज्ञापन में बताया कि गांधीनगर थाने में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर संख्या 184/2026) में पुलिस द्वारा जानलेवा हमले की उचित धाराएं नहीं जोड़ी गईं। उनका कहना है कि आरोपी पति की गिरफ्तारी नहीं होने से उसके हौसले और बढ़ गए हैं।
ज्ञापन के अनुसार सुमित्रा का विवाह वर्ष 2016 में प्रकाश तिवाड़ी से हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि पुत्र दिव्यांश (8 वर्ष) के जन्म के बाद से ही आरोपी पति कोई कामकाज नहीं करता था और उस पर काम करके पैसे कमाने का अनुचित दबाव बनाता था। बात-बात पर मारपीट और प्रताड़ना से परेशान होकर वह करीब पांच वर्ष पूर्व अपने बेटे के साथ पति से अलग रहने लगी थी।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि हाल ही में पति द्वारा किए गए हमले में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका ऑपरेशन भी हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए थे, लेकिन जब उसे एफआईआर संख्या 184/2026 की प्रति मिली तो उसमें घटना का विवरण आधा-अधूरा दर्ज पाया गया। पीड़िता का कहना है कि मामले में जान से मारने के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं शामिल नहीं की गईं और आरोपी को अब तक गिरफ्तार भी नहीं किया गया।
सुमित्रा ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी प्रकाश तिवाड़ी मुकदमे से बचने के लिए उस पर और उसके परिचितों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर राजीनामा करने का अवैध दबाव बना रहा है। उनका कहना है कि राजीनामा नहीं करने पर आरोपी द्वारा बच्चे का अपहरण करने और जान से खत्म करने की धमकियां भी दी जा रही हैं।
पीड़िता ने जिला पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्राथमिकी में जानलेवा हमले से संबंधित उचित धाराएं जोड़ने तथा आरोपी प्रकाश तिवाड़ी को शीघ्र गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मामला अब पुलिस प्रशासन के समक्ष विचाराधीन है और पीड़िता ने अपनी तथा अपने मासूम बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है।