भीलवाड़ा में सड़क सुरक्षा पर कलक्टर का सख्त एक्शन, हाईवे से हटेंगी शराब दुकानें, नियम तोड़े तो लाइसेंस रद्द
भीलवाड़ा में जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। हाईवे की शराब दुकानें, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई होगी।
भीलवाड़ा में सड़कों पर बढ़ती अव्यवस्था और लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता एवं समिति के सदस्य सचिव भैरूलाल रेगर ने अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एनएचएआई (अजमेर) के अधीन किशनगढ़-गुलाबपुरा (NH-48) तथा भीम-गुलाबपुरा (NH-148) मार्ग पर संचालित शराब की दुकानों का तत्काल सर्वे कर उन्हें हटाने के निर्देश आबकारी विभाग को दिए गए।
बैठक में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाने के मामलों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों में चालान किए जाएंगे। स्कूल संचालकों को अभिभावकों के साथ बैठक कर जागरूकता फैलाने के लिए कहा गया है। साथ ही स्कूल बसों और वैन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
नेशनल और स्टेट हाईवे पर रॉन्ग साइड वाहन चलाने तथा नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। एनएचएआई और आरएसआरडीसी के साथ समन्वय कर गश्त बढ़ाने, चालान करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए गए।
शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात बाधित करने वाले अस्थायी और स्थायी अतिक्रमणों को हटाने के साथ ही सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को पकड़कर तत्काल सरकारी काइन हाउस भेजने के आदेश भी दिए गए, ताकि यातायात सुचारु बनाया जा सके।
बैठक में अजमेर चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग दुरुस्त करने, जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप, लेन मार्किंग, लेफ्ट साइड डिवाइडर के लिए संयुक्त निरीक्षण कराने तथा रंग-रोगन और सफाई का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉली, अर्थमूवर्स तथा खनिज परिवहन में लगे वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाना अनिवार्य किया गया, ताकि रात्रि के समय होने वाले हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में 'गुड सेमिरिटन' योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आजाद चौक, अहिंसा सर्किल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, आपातकालीन चिकित्सालय कक्ष और कलेक्ट्रेट सहित प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर बैनर-पोस्टर लगाने तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित कर दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।