भीलवाड़ा: प्रेमप्रकाश आश्रम में स्वामी सर्वानन्दजी महाराज का 130वां जन्मोत्सव मना
56 भोग, 130 दीपक प्रज्ज्वलन और महाआरती के साथ जन्मोत्सव का आयोजन हुआ; श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
भीलवाड़ा के प्रेमप्रकाश आश्रम में स्वामी सर्वानन्दजी महाराज के जन्मोत्सव पर एकत्र श्रद्धालु।
भीलवाड़ा। प्रेमप्रकाश आश्रम में सद्गुरु महर्षि स्वामी सर्वानन्दजी महाराज का 130वां जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर 56 भोग अर्पित किए गए, 130 दीपक प्रज्ज्वलित किए गए और केक काटकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाई गईं। कार्यक्रम में सत्संग, भजनों, बधाई गीतों और महाआरती के माध्यम से सद्गुरु महाराज का स्मरण किया गया।
प्रेमप्रकाश सेवा मंडली के परमानन्द गुरनानी ने बताया कि प्रेमप्रकाश मंडल के द्वितीय पीठाधीश्वर सतगुरु स्वामी सर्वानन्दजी महाराज के 130वें जन्मोत्सव पर आश्रम में विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु स्वामी सर्वानन्दजी महाराज के सत्संग की कैसेट का श्रवण किया गया और उनकी महिमा में भजन गाए गए। इसके बाद बधाई गीत गाकर महाआरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
सद्गुरु महर्षि स्वामी सर्वानन्दजी महाराज का जन्म अविभाजित सिंध के भीट शाह के एक छोटे गांव में माता ईश्वरी बाई और पिता शेवकराम जी के आंगन में हुआ था। उन्होंने बाल्यकाल में आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की शरण ग्रहण की और उनसे नामदान की दीक्षा ली। इसके बाद उन्होंने जीवनपर्यंत देश-विदेश में सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का प्रचार किया।
सिंध से भारत आने के बाद स्वामी सर्वानन्दजी महाराज ने सर्वप्रथम हरिद्वार में प्रेमप्रकाश आश्रम की स्थापना की। इसके बाद जयपुर में अमरापुर स्थान बनाया। उनके 130वें जन्मोत्सव पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में उनके जीवन और आध्यात्मिक योगदान का स्मरण किया गया।
इस अवसर पर हीरालाल गुरनानी, किशोर गुरनानी, राजकुमार गुरनानी, राहुल परमानन्दानी, चन्द्रप्रकाश परमानन्दानी, मनोज रामचन्दानी, प्रतापराय रामचन्दानी, सुरेश दादवानी, ताराचन्द थुरवानी, नारायणदास रामनानी, मोहनदास तुलसानी, निर्मल चेलानी, हेमन्त रामचन्दानी, रवि धनकानी तथा प्रेमप्रकाश महिला मंडल की सभी सदस्य उपस्थित थीं। धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन, महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ जन्मोत्सव का आयोजन संपन्न हुआ।