भीलवाड़ा के करेड़ा थाना क्षेत्र में आवरा माता मंदिर के पास पैंथर के हमले में घायल हुए बाइक सवार नारायण लाल गुर्जर के पैर पर लगे चोट के निशान।

भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना क्षेत्र में प्रसिद्ध आवरा माता मंदिर के पास पैंथर ने चलती बाइक पर हमला कर दिया। चिताम्बा से करेड़ा की ओर जा रहे राहगीर पर हुए इस अचानक हमले से इलाके में दहशत फैल गई। मुख्य मार्ग पर हुई घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। पैंथर की मौजूदगी के डर से लोग इस रास्ते से गुजरने में भी कतरा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी नारायण लाल गुर्जर बाइक से चिताम्बा से करेड़ा की तरफ जा रहे थे। आवरा माता मंदिर के पास पहुंचने पर सड़क किनारे घात लगाकर बैठे पैंथर ने अचानक उनकी चलती बाइक पर छलांग लगा दी। अचानक हुए हमले से नारायण लाल संभल नहीं पाए। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले चिताम्बा गांव के पास खदानों की डंपिंग वाले क्षेत्र में भी पैंथर की गतिविधियां देखी गई थीं। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण अब मुख्य मार्ग पर राहगीर पर हमला होने की घटना सामने आई है।

इलाके में पैंथर के खुलेआम घूमने से ग्रामीणों को किसी बड़े हादसे की आशंका सता रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ सकता है। मुख्य मार्ग और आसपास के गांवों में पैंथर की मौजूदगी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर को पकड़ने के लिए तत्काल इलाके में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है। आमजन को भी देर शाम और रात के समय इस मार्ग से अकेले नहीं गुजरने की हिदायत दी गई है। अब ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग पैंथर की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए शीघ्र कार्रवाई करे, ताकि मार्ग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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