भीलवाड़ा के करेड़ा क्षेत्र में आवरा माता मंदिर के पास मादा पैंथर और शावकों की मौजूदगी की सूचना पर जायजा लेते वनपाल राधेश्याम पालीवाल।   

भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना क्षेत्र के चिताम्बा स्थित आवरा माता मंदिर के पास मादा पैंथर की मौजूदगी से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है। वन विभाग की टीम को घटनास्थल पर पैंथर के पंजों के निशान के साथ उसके शावकों के पगमार्क भी मिले हैं। इससे मादा पैंथर के अपने बच्चों के साथ क्षेत्र में मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है। राहगीर पर हमले की घटना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया है।

घटना की सूचना मिलने पर वनपाल राधेश्याम पालीवाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में जेसीबी मशीन से निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान मशीन की तेज आवाज और आसपास की हलचल से मादा पैंथर के आक्रामक होने की आशंका जताई जा रही है। राहगीर पर हमले की घटना को देखते हुए वन विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया।

वन विभाग की टीम क्षेत्र में पैंथर की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। आवरा माता मंदिर जाने वाले रास्ते पर चेतावनी बोर्ड लगाने की कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि ग्रामीणों और मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सतर्क किया जा सके।

वन विभाग ने आसपास के लोगों से अपील की है कि वे मंदिर और घटनास्थल के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचें तथा अकेले आवाजाही न करें। पैंथर या उसके शावक दिखाई देने पर उनके नजदीक जाने या उन्हें परेशान करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

आवरा माता मंदिर के पास मादा पैंथर और उसके शावकों की मौजूदगी की आशंका के बीच वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राहगीर पर हमले के बाद निर्माण कार्य रुकवाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान सतर्कता सुनिश्चित करना है।

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