आचार्य रामदयाल जी महाराज ने नेत्रदान पखवाड़े का किया शुभारंभ, लोगों को दिलाई शपथ
भीलवाड़ा में आचार्य श्री 1008 श्री रामदयाल जी महाराज ने 41वें नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ किया। 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चलने वाले अभियान में लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक कर संकल्प पत्र भरवाए जाएंगे।
तस्वीर में भीलवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय श्री रामस्नेही संप्रदाय के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य श्री 1008 श्री रामदयाल जी महाराज और अन्य गणमान्य लोग 41वें नेत्रदान पखवाड़े के पोस्टर का विमोचन करते हुए नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय श्री रामस्नेही संप्रदाय के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य श्री 1008 श्री रामदयाल जी महाराज ने मंगलवार को नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ किया। रामस्नेही चिकित्सालय के नेत्र विभाग प्रभारी सुरेश कोगटा ने बताया कि आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान की ओर से 41वां नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त 2026 से 8 सितंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। इसी के तहत भीलवाड़ा चैप्टर द्वारा नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ एवं पोस्टर विमोचन अंतरराष्ट्रीय श्री रामस्नेही संप्रदाय के वर्तमान पीठाधीश्वर स्वामी जी श्री 1008 श्री रामदयाल जी महाराज ने किया।
इस अवसर पर आचार्य श्री ने उपस्थित जनसमुदाय को नेत्रदान के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भगवान ने किसी व्यक्ति के जीवन में कोई कमी रख दी है तो उस कमी को पूरा करने का अवसर मिल सकता है और उस व्यक्ति के लिए आप भगवान के बराबर बन सकते हैं। आचार्य श्री ने नेत्रदान पखवाड़े पर कार्य करने वाले सभी स्वयंसेवकों एवं टीम सदस्यों को साधुवाद देते हुए कहा कि यह पखवाड़ा सभी के योगदान से अतुलनीय हो जाएगा।
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए चिकित्सालय प्रबंध समिति सदस्य रतन जी दरगड़ ने बताया कि अंधेरे जीवन में प्रकाश भरने के लिए आचार्य श्री की प्रेरणा से रामस्नेही चिकित्सालय की टीम नेत्र रोग निदान एवं अंधता निवारण में काफी कार्य कर रही है। इसके लिए जगह-जगह शिविर लगाकर लोगों को चश्मे के नंबर निकालकर देने और जरूरतमंद रोगियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन की सलाह देने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में अगले 15 दिन तक नेत्रदान के लिए पूरी टीम लगी रहेगी। इस दौरान नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक कर संकल्प पत्र भरवाए जाएंगे।
रतन जी दरगड़ ने उपस्थित जनसमुदाय को प्रेरित करते हुए कहा कि यह एक ऐसा दान है जिसका आपने अपने जीवन में पूरा उपयोग कर लिया है और मृत्यु के बाद आपको यह दान करना है। इस अवसर पर प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा जी ने उपस्थित जनसमुदाय को नेत्रदान कौन कर सकता है और किन व्यक्तियों को नेत्र लगाए जा सकते हैं, इसकी संपूर्ण जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान भीलवाड़ा चैप्टर के राकेश जी पगारिया, डॉ. ओ.पी. छीपा जी, चिकित्सालय प्रबंध समिति के ओम जी गंडोदिया, बालकिशन जी काबरा, विश्व शांति कल्याण चातुर्मास समिति के अशोक जी अजमेरा, प्रह्लाद जी डाड सहित अन्य लोग उपस्थित थे।