भूटान के बुद्ध गोल्डन टेंपल पहुंचे भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी, आध्यात्मिक परंपराओं का दिया संदेश
भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने अपनी टीम के साथ भूटान के बुद्ध गोल्डन टेंपल के दर्शन किए। शिवालय ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर के प्राचीन नाम से प्रसिद्ध इस स्थल पर उन्होंने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं, शांति और सद्भाव का संदेश दिया।
भूटान स्थित बुद्ध गोल्डन टेंपल परिसर में दर्शन के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी अपने साथियों और गणमान्य जनों के साथ उपस्थित।
भीलवाड़ा, 27 अक्टूबर। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने अपनी टीम के साथ भूटान स्थित बुद्ध गोल्डन टेंपल के दर्शन किए। प्राचीन नाम शिवालय ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर से प्रसिद्ध इस आध्यात्मिक स्थल पर दर्शन के दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और भूटान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का संदेश क्षेत्रवासियों तक पहुंचाया।
विधायक अशोक कुमार कोठारी ने इस अवसर पर कहा कि यह प्राकृतिक स्थल अनूठा, अद्भुत और आध्यात्मिक प्रेरणा से परिपूर्ण है। यहां पहुंचने पर मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा के संचय के साथ श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों को आनंद एवं आत्मिक संतुष्टि की अनुभूति कराता है।
विधायक कोठारी ने भारत और भूटान की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परंपराएं आपसी सद्भाव, आस्था और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं। उनके अनुसार, ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन व्यक्ति को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने और जीवन में सकारात्मकता अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
विधायक कोठारी के सानिध्य में आयोजित इस दर्शन कार्यक्रम में गौ वत्स श्री लाल जी महाराज, नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण डाड, भाजपा के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भगवान सिंह चौहान, सेवानिवृत्त आर्मी अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, शिक्षाविद् विवेक निमावत, समाजसेवी देवी लाल गुर्जर तथा ज्ञान प्रकाश रांका सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी सदस्यों ने आध्यात्मिक स्थल के दर्शन किए और शांति, सद्भाव तथा सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान के साथ भारत और भूटान के साझा सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों का संदेश क्षेत्रवासियों तक पहुंचाया गया।