भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में स्वीकृत बेड और मरीजों की संख्या के अनुपात में चिकित्सा स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए विधायक अशोक कुमार कोठारी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को पत्र लिखा है। उन्होंने चिकित्सालय में चिकित्सक शिक्षकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों के नए पद सृजित करने के साथ रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन नहीं होने से मरीजों को सुचारू और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक कोठारी ने पत्र में उल्लेख किया कि महात्मा गांधी चिकित्सालय राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है। भीलवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित इस प्रमुख चिकित्सालय में आसपास के लगभग 100 किलोमीटर के दायरे से मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता आवश्यक है।

कोठारी ने इससे पहले विधानसभा में भी चिकित्सालय में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में बताया गया कि महात्मा गांधी चिकित्सालय में कुल 1097 बेड स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में 703 बेड संचालित हैं। वहीं, नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता केवल 533 बेड के अनुपात में होने की जानकारी दी गई थी। यह स्थिति चिकित्सालय में स्वीकृत बेड, संचालित वार्डों और उपलब्ध मानव संसाधन के बीच अंतर को सामने लाती है।

विधानसभा में दिए गए जवाब में यह भी उल्लेख किया गया था कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए नर्सिंग और अन्य स्टाफ के पदों का गैप एनालिसिस कर पदों में वृद्धि की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। हालांकि, इस प्रक्रिया के बावजूद अब तक आवश्यक पदों की स्वीकृति और पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है।

विधायक कोठारी ने अपने पत्र में यह भी बताया कि महात्मा गांधी चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक ने 19 नवंबर 2025 को चिकित्सा शिक्षा विभाग (राज मेस) के सचिव को पत्र लिखकर मानव संसाधन की कमी दूर करने और नव स्वीकृत वार्डों के संचालन के लिए आवश्यक नए पद सृजित करने की मांग की थी। इसके बावजूद अपेक्षित पदों की स्वीकृति नहीं होने से चिकित्सालय में स्टाफ की कमी की समस्या बनी हुई है।

कोठारी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से आग्रह किया कि महात्मा गांधी चिकित्सालय में स्वीकृत बेड की संख्या और मरीजों के भार को ध्यान में रखते हुए चिकित्सक शिक्षकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों के आवश्यक नए पद सृजित किए जाएं। साथ ही, रिक्त पदों को भरकर पर्याप्त स्टाफ का पदस्थापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि चिकित्सालय की चिकित्सा सेवाओं का सुचारू संचालन हो सके और भीलवाड़ा सहित आसपास के लगभग 100 किलोमीटर के क्षेत्र से आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

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