तस्वीर में भगवा टी-शर्ट पहने दुर्गा शक्ति अखाड़ा की कार्यकर्ता पंडाल के नीचे बैठी हुई हैं।

भीलवाड़ा। दस साल की यात्रा पूरी करने के बाद दुर्गा शक्ति अखाड़ा 11वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। इस बार स्थापना दिवस का आयोजन केवल वर्षगांठ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चार दिनों तक स्वच्छता, धर्म, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 29 सितंबर से शुरू होने वाले आयोजनों में मंदिरों और सार्वजनिक जल टंकियों की सफाई, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, भजन-कीर्तन, रंगोली प्रतियोगिता, अखाड़ा प्रदर्शन, घोष वादन और पौधारोपण सहित विभिन्न गतिविधियां होंगी।

कार्यक्रमों की शुरुआत 29 सितंबर को होगी। इस दिन दुर्गा शक्ति अखाड़ा की सभी शाखाओं की ओर से अपने-अपने क्षेत्रों और बस्तियों में मंदिरों की सफाई के साथ सार्वजनिक जल टंकियों की सफाई की जाएगी। अभियान के माध्यम से स्वच्छता को केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संदेश दिया जाएगा।

30 सितंबर को शाखा स्तर पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, भजन-कीर्तन और रंगोली प्रतियोगिता सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के जरिए संगठन की शाखाओं में सहभागिता बढ़ाने और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

1 अक्टूबर को दुर्गा शक्ति अखाड़ा कार्यालय पर संगठन के नवीन दायित्वों की घोषणा की जाएगी। इसका उद्देश्य संगठन को अधिक मजबूत करते हुए सामाजिक गतिविधियों को नई गति देना है। इसी दिन शाम 5 बजे सूचना केंद्र चौराहे पर अखाड़ा प्रदर्शन एवं घोष वादन होगा। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख संत-महात्माओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।

चार दिवसीय आयोजन का समापन 2 अक्टूबर को सांगानेर मेडिकल कॉलेज के पास पौधारोपण कार्यक्रम के साथ होगा। अखाड़ा की बहनें पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और शहर में हरियाली बढ़ाने का संदेश देंगी।

दुर्गा शक्ति अखाड़ा के 10वें स्थापना दिवस के आयोजन वर्षगांठ तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संगठन की सामाजिक भूमिका और महिला सहभागिता को और व्यापक बनाने पर केंद्रित होंगे। चार दिनों की गतिविधियों के जरिए अखाड़ा की बहनें स्वच्छता, धार्मिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज तक पहुंचाएंगी।

Tags: