भीलवाड़ा में PHED पर गंभीर लापरवाही के आरोप: डेढ़ महीने से नलों में गंदा पानी, आंदोलन की चेतावनी

भीलवाड़ा के वार्ड संख्या 59 स्थित मोती नगर और पथिक नगर में पिछले डेढ़ महीने से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों ने पीएचईडी पर शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए पानी की जांच, पाइपलाइन मरम्मत और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

Update: 2026-07-31 07:39 GMT

तस्वीर में भीलवाड़ा के एक घर में बाल्टी के अंदर नल से गिरता हुआ गंदा और मटमैला पानी दिखाई दे रहा है।

भीलवाड़ा में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की कथित लापरवाही अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। शहर के वार्ड संख्या 59 स्थित मोती नगर और पथिक नगर में पिछले डेढ़ महीने से नलों के माध्यम से शुद्ध पेयजल के बजाय गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किए जाने का आरोप लगाया गया है। लगातार दूषित पानी की आपूर्ति से परेशान स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जबकि प्रशासन पर समस्या की अनदेखी करने के आरोप लग रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी इतना गंदा और दूषित है कि उसका उपयोग पीने के साथ-साथ कपड़े धोने या नहाने के लिए भी नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि इस दूषित पानी के इस्तेमाल से घरों में विशेष रूप से बच्चे और बुजुर्ग चर्म रोग तथा पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

वार्ड पार्षद और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पीएचईडी के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन हर बार शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब उनके बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या विभाग किसी बड़ी बीमारी या त्रासदी का इंतजार कर रहा है।

लापरवाह तंत्र से नाराज मोती नगर और पथिक नगर के निवासियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने विभाग से तत्काल पानी के सैंपल लेने, गंदे पानी की सप्लाई के कारणों का पता लगाने तथा पाइपलाइन की तत्काल जांच और मरम्मत कर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पीएचईडी प्रशासन ने जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया, तो वार्डवासी अधिकारियों के कार्यालय का घेराव करेंगे और सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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