'भलो भीलवाड़ा अभियान' में 23,500 छात्राओं ने बाल विवाह रोकने की शपथ ली, प्रशासन ने दिया बड़ा संदेश

भीलवाड़ा में जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग के "भलो भीलवाड़ा अभियान" के तहत 377 ग्राम पंचायतों के विद्यालयों में लगभग 23,500 छात्राओं ने बाल विवाह उन्मूलन और बालिका सशक्तिकरण की शपथ ली। अभियान के दौरान कानून, दंड और जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।

Update: 2026-07-31 10:43 GMT

तस्वीर में भीलवाड़ा के एक विद्यालय परिसर में खुले मैदान में बाल विवाह उन्मूलन की शपथ लेते हुए छात्र-छात्राएं और शिक्षक नजर आ रहे हैं।

भीलवाड़ा, 30 जुलाई। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग द्वारा जिला कलक्टर श्री जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में संचालित "भलो भीलवाड़ा अभियान" के तहत जिलेभर में बाल विवाह उन्मूलन और बालिका सशक्तिकरण को लेकर व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के अंतर्गत हजारों छात्राओं ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इसे रोकने का संकल्प लिया।

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री नगेन्द्र कुमार तोलम्बिया ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका तथा 21 वर्ष से कम आयु के युवक का विवाह कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक के कारावास तथा एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह के मामलों में माता-पिता, अभिभावक, पंडित, हलवाई सहित विवाह संपन्न कराने अथवा उसमें सहयोग करने वाले अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह का बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा बाल विवाह की किसी भी सूचना की तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा जिला प्रशासन को देने का आह्वान किया।

श्री तोलम्बिया ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भीलवाड़ा का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब प्रत्येक परिवार, विद्यालय और समाज बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा तथा सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।

अभियान के तहत जिले की 377 ग्राम पंचायतों के विद्यालयों में आयोजित शपथ कार्यक्रमों में लगभग 23,500 छात्राओं ने बाल विवाह उन्मूलन एवं बालिका सशक्तिकरण की शपथ ली। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल विवाह का विरोध करेंगी, अपने परिवार और समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगी तथा किसी भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रशासन को तत्काल सूचित करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए आत्मनिर्भर और सशक्त बनने का भी संकल्प लिया। अभियान का उद्देश्य बाल विवाह मुक्त भीलवाड़ा की दिशा में समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

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