विजय सिंह पथिक नगर में महिलाओं ने सावन महोत्सव में भजनों और नृत्य से बांधा समां
भीलवाड़ा के विजय सिंह पथिक नगर स्थित बालाजी मंदिर में सावन महोत्सव श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया। बालाजी का आकर्षक श्रृंगार, सावन के पारंपरिक गीत और महिलाओं के नृत्य ने आयोजन का माहौल भक्तिमय बना दिया।
तस्वीर में भीलवाड़ा के विजय सिंह पथिक नगर स्थित बालाजी मंदिर परिसर में पारंपरिक परिधानों में बैठी महिलाएं सावन महोत्सव के दौरान नजर आ रही हैं।
भीलवाड़ा, 14 अगस्त। विजय सिंह पथिक नगर स्थित बालाजी मंदिर में सावन महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बालाजी मूर्ति का भव्य एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। महोत्सव के दौरान महिलाओं ने सावन के पारंपरिक गीत गाए और नृत्य किया, जिससे पूरे मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सावन के पावन माह में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीतों और नृत्य के माध्यम से सावन की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को जीवंत किया गया।
इस अवसर पर कमला देवी ने सावन महोत्सव को सामूहिकता का उत्सव बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में सावन केवल एक ऋतु नहीं, बल्कि प्रकृति, लोकजीवन एवं मानवीय संवेदनाओं के बीच गहरे आत्मीय संबंध का प्रतीक है। सावन की हरियाली जहां प्रकृति के नवजीवन का संदेश देती है, वहीं लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक परंपराएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखती हैं।
सावन महोत्सव के अवसर पर दुर्गा देवी माली, उमा जोशी, उमा प्रजापत, मधु मून्दड़ा, राधा कचौलिया, रमा ओझा, तेजी बाई कुमावत, दुर्गा देवी, सविता माली, माझी मा, सुशीला देवी, लाली देवी, गंगा देवी सहित कई महिलाएं उपस्थित थीं। धार्मिक आयोजन ने महिलाओं को सामूहिक रूप से सावन की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर दिया।