तस्वीर में अस्पताल के स्ट्रेचर पर लेटा हुआ घायल व्यक्ति नजर आ रहा है।

भीलवाड़ा में नशे के कारोबार के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बुधवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए पुर बाईपास पर डोडा चूरा तस्करों के साथ हुई मुठभेड़ में एक तस्कर को ढेर कर दिया, जबकि उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान स्विफ्ट कार से डोडा चूरा और संदिग्ध सामान भी बरामद किया गया।

जानकारी के अनुसार, एएनटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि स्विफ्ट कार में डोडा चूरा की बड़ी खेप तस्करी के लिए ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने पुर बाईपास पर नाकेबंदी कर घेराबंदी की। जैसे ही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार मौके पर पहुंची, जवानों ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन कार सवार तस्करों ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी। खुद को घिरता देख तस्करों ने एएनटीएफ की टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस पर हुई फायरिंग के बाद एएनटीएफ की टीम ने जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में तस्करों की स्विफ्ट कार का अगला शीशा गोलियों से छलनी हो गया। मुठभेड़ के दौरान जोधपुर निवासी 35 वर्षीय तस्कर गणपत के सीने और पसलियों में गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल गणपत को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

फायरिंग के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास कर रहे दूसरे तस्कर महेंद्र गोदारा को एएनटीएफ के जवानों ने पीछा कर गिरफ्तार कर लिया। कार की तलाशी में डोडा चूरा और संदिग्ध सामान बरामद हुआ। पुलिस को आशंका है कि तस्करों के साथ एक एस्कॉर्ट गाड़ी भी चल रही थी, जो अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गई। उसकी तलाश जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर राणा और डीएसपी राहुल जोशी तत्काल पुर थाना पहुंचे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने स्विफ्ट कार, कारतूस के खोल और अन्य साक्ष्य एकत्र किए। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई खुलासा नहीं किया है। यह कार्रवाई डोडा चूरा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है और मामले की जांच जारी है।

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