भीलवाड़ा में ANTF की कार्रवाई, महाराष्ट्र का तस्कर 96 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार
भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर ANTF ने महाराष्ट्र के धूले निवासी एक युवक को पकड़ा, आरोपित के कब्जे से नशीली ड्रग बरामद कर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया
भीलवाड़ा की सड़कों पर नशीले पदार्थों के काले कारोबार को जड़ से मिटाने के संकल्प के साथ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर की गई इस संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षा एजेंसियों ने न केवल एक शातिर तस्कर को दबोचने में कामयाबी हासिल की, बल्कि बाजार में भारी कीमत रखने वाली प्रतिबंधित ड्रग 'एमडी' की खेप को भी बरामद कर लिया। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के तस्करों के बीच हड़कंप मचाने वाली है, जो राज्य में सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर एक कड़ा प्रहार मानी जा रही है।
घटनाक्रम की शुरुआत खुफिया सूचनाओं के आधार पर हुई, जब ANTF को भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगी। टीम ने तत्काल जाल बिछाया और हाईवे के किनारे खड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा, जो संभवतः किसी बड़े सौदे के इंतजार में था। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान तुषार (32) पुत्र हिम्मत लुणारी के रूप में बताई, जो महाराष्ट्र के धूले जिले का निवासी है। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने जब आरोपित की सघन तलाशी ली, तो उसके पास से 96 ग्राम अवैध एमडी बरामद हुई।
कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपित को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, पुलिस तस्कर से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह यह नशीली खेप कहां से लाया था और इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी। इस मामले में महाराष्ट्र के ड्रग तस्कर की गिरफ्तारी ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि अंतरराज्यीय तस्कर अब राजस्थान को अपने अवैध कारोबार के लिए सुरक्षित ठिकाना समझ रहे हैं। सुरक्षा बलों की यह सतर्कता निश्चित रूप से भविष्य में मादक पदार्थों की तस्करी के बड़े मंसूबों को नाकाम करने में सहायक सिद्ध होगी।