वैर विधानसभा में बदहाल आम रास्तों से जनता परेशान, जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें
वैर विधानसभा के नगला भावला और नरहरपुर में बदहाल आम रास्तों व जलभराव से ग्रामीण और विद्यार्थी परेशान हैं। ग्रामीणों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से कई बार रास्ता दुरुस्त कराने की मांग की।
तस्वीर में स्कूली बच्चे भुसावर उपखंड के नगला भावला में पानी और कीचड़ से भरे रास्ते से गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वैर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण आम रास्तों की बदहाली से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीण परिवेश में आम रास्तों की स्थिति बद से बदतर बनी हुई है।
भुसावर उपखंड की ग्राम पंचायत अलीपुर के अंतर्गत आने वाले नगला भावला एवं नरहरपुर के आम रास्ते खराब पड़े हैं। इन रास्तों से विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों और ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि श्मशान भूमि की ओर जाने वाले रास्ते पर भी पानी भर जाता है।
नगला भावला के लोगों का आरोप है कि भुसावर पंचायत समिति के विकास अधिकारी की ओर से खुलेआम स्वच्छ भारत मिशन योजना की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर महीने साफ-सफाई के लिए एक लाख रुपये आते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत अलीपुर तथा भुसावर पंचायत समिति के विकास अधिकारी की ओर से नगला भावला में साफ-सफाई के नाम पर कोई सफाई तक नहीं कराई गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि नगला भावला के सरकारी विद्यालय की ओर जाने वाले आम रास्ते में बारिश का पानी भर जाने से रास्ता लगातार खराब हो रहा है। बारिश के दिनों में पानी भरने के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिरते रहते हैं। यही रास्ता गांव के सरकारी विद्यालय में आवागमन का मुख्य मार्ग है।
बदहाल रास्ते से होकर विद्यालय आने-जाने के दौरान नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी भी फिसलकर गिरते रहते हैं। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ गांव के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार ग्राम पंचायत अलीपुर एवं भुसावर पंचायत समिति के विकास अधिकारी से बदहाल आम रास्ते की बदसूरत स्थिति को सही कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन भुसावर पंचायत समिति के विकास अधिकारी सुरेश कुमार सैनी की ओर से इस बदहाल आम रास्ते की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि राजस्थान पंचायती राज विभाग के मंत्री मदन दिलावर की ओर से स्वच्छ भारत मिशन अभियान को लेकर कड़े नियम बनाकर जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी को प्रेषित कर रखे हैं। इनमें सख्त लिखा हुआ है कि जिन ग्राम पंचायतों में गंदगी है, वहां के सचिव और विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन अभियान के साथ-साथ पंचायती राज विभाग के मंत्री मदन दिलावर के आदेश भी हवा में हवाई हो रहे हैं। आम रास्तों पर जलभराव और सफाई व्यवस्था की स्थिति ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है।