सावन शिवरात्रि पर भुसावर के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
भुसावर में सावन शिवरात्रि पर मंदिरों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कांवड़ियों ने पार्थिव शिवलिंग का जलाभिषेक किया और प्रथम डांक कांवड़ यात्रा में 31 शिवभक्तों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
तस्वीर में भुसावर के नयागांव मार्ग पर आयोजित प्रथम डाक कांवड़ यात्रा के दौरान पीले वस्त्र और भगवा साफा पहने शिवभक्त पौधारोपण करते हुए नजर आ रहे हैं।
भुसावर। भरतपुर जिले के ऐतिहासिक भुसावर सहित उपखंड मुख्यालय क्षेत्र में सावन माह की शिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मनाया गया। सुबह से ही भुसावर क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा नजर आया और मंदिरों एवं शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
हर की पौड़ी हरिद्वार और कछला घाट सोरोजी से कांवड़ लेकर पहुंचे शिव भक्तों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, आक पुष्प सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। इसके बाद आरती कर श्रद्धालुओं ने परिवार में सुख, शांति और समृद्धि के साथ विश्व कल्याण की मनोकामनाएं मांगीं।
कस्बे के नयागांव सड़क मार्ग स्थित नगरकोट ज्वाला माता मंदिर, पंचमुखी हनुमान जी मंदिर, सैरकी वाले हनुमान जी मंदिर और पुलिया वाले हनुमान जी मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर कांवड़ लेकर पहुंचे शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे।
इसी क्रम में कस्बे के नयागांव सड़क मार्ग स्थित कुंडा जलाशय के पास मां नगरकोट ज्वाला और चामुंडा मां भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम डांक कांवड़ यात्रा आयोजित की गई। यात्रा में शामिल 31 शिवभक्तों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। शिवभक्तों ने कहा कि पेड़ ही धरती का श्रृंगार होते हैं और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में पौधारोपण करना चाहिए।
प्रथम डांक कांवड़ यात्रा का समापन हवन यज्ञ के साथ हुआ। हवन में विश्व शांति एवं मानव कल्याण की भावना को लेकर आहुतियां प्रदान की गईं। इसके बाद प्रसादी वितरण किया गया। इस तरह सावन शिवरात्रि पर भुसावर क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।