तस्वीर में भुसावर के पंचमुखी हनुमान जी शिव मंदिर प्रांगण में डांक कांवड़ यात्रा के शुभारंभ अवसर पर एकत्र हुए शिव भक्त और ग्रामीण नजर आ रहे हैं।

भुसावर में सावन माह की पावन बेला में धर्म, आस्था और शिव भक्ति का संगम देखने को मिला। रविवार 9 अगस्त को रणधीरगढ़ सड़क मार्ग एवं मुण्डायारा चौराहा स्थित पंचमुखी हनुमान जी शिव मंदिर से मुण्डायारा की चतुर्थ डांक कांवड़ यात्रा का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। शिव, पंचमुखी हनुमान जी मंदिर और समस्त मुण्डायारा के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में 31 शिव भक्त कछला घाट सोरोजी से पवित्र गंगाजल लेने के लिए रवाना हुए।

पंचमुखी हनुमान जी शिव मंदिर प्रांगण में भक्त मंडल के सदस्य श्रीसिंह सैनी, विष्णु, बदनसिंह, रवि और हीरा ने जानकारी देते हुए बताया कि सावन माह में कछला घाट सोरोजी और हर की पौड़ी हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने की परंपरा पिछले तीन वर्षों से लगातार चली आ रही है। इसी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में 9 अगस्त रविवार को श्रद्धा, अनुशासन और सेवा की भावना के साथ शिव डांक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया।

कछला घाट सोरोजी रवाना होने से पूर्व पंचमुखी हनुमान जी मंदिर प्रांगण में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद डीजे पर बज रहे भजनों पर नृत्य करते हुए और भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ कांवड़ियों ने शहर की परिक्रमा की। यात्रा राजा मंडी के पास ठाकुर गणेश जी मंदिर प्रांगण पहुंची।

यहां कस्बेवासियों ने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। जलपान कराने के साथ कांवड़ियों को प्रतीक चिन्ह और दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद ठाकुर गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। कांवड़ियों के परिजनों ने उनके माथे पर चंदन का टीका लगाकर मंगलमय यात्रा की कामना की।

पूजा-अर्चना और स्वागत सम्मान के बाद 31 शिव भक्तों का दल वाहन से कछला घाट सोरोजी के लिए रवाना हुआ। कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेकर 11 अगस्त मंगलवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। पिछले तीन वर्षों से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा इस वर्ष भी श्रद्धा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ी।

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