तस्वीर में सिर पर कलश रखे पारंपरिक पोशाक पहने महिलाएं सड़क पर यात्रा निकालती दिख रही हैं।

भुसावर उपखंड के गांव पथैना स्थित बिहारी जी मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा का विधिविधान से शुभारंभ हुआ। कथा के प्रारंभ में कथावाचक रुद्र गिरी महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि इस युग में इंसान को अपने पांच विकारों का त्याग कर भगवान की भक्ति में समय व्यतीत करना चाहिए। ऐसा करने वाले इंसान को मोक्ष के साथ-साथ परम धाम की प्राप्ति होती है और वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।

श्रीमद्भागवत सप्ताह की स्थापना से पूर्व बिहारी जी मंदिर परिसर से 251 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश रखकर मांगलिक कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान ग्रामीणवासियों की ओर से जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।

मांगलिक कलश यात्रा में गांव पथैना के आसपास के गांव भेसीना, खदराया, हिंगोटा और झारोटी की महिलाओं ने भी भाग लिया। महिलाओं की सहभागिता से निकली कलश यात्रा के बाद बिहारी जी मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा का शुभारंभ हुआ।

कथावाचक रुद्र गिरी महाराज ने अपने प्रवचनों में भगवान की भक्ति और पांच विकारों के त्याग को मोक्ष का मार्ग बताते हुए श्रद्धालुओं को धार्मिक जीवन के महत्व का संदेश दिया। पथैना में आयोजित यह श्रीमद्भागवत सप्ताह धार्मिक आयोजन के रूप में शुरू हुआ, जिसमें आसपास के गांवों की महिलाओं की भी सहभागिता रही।

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